छह शिक्षकों पर होगी प्राथमिकी

कार्रवाई. फर्जी संस्थान की डिग्री पर ली थी नौकरी बीईओ ने दिया हेडमास्टर को प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश हिंदी साहित्य सम्मेलन प्रयाग के अमान्य संस्थान की डिग्री पर कर रहे थे काम कुचायकोट : हिंदी साहित्य सम्मेलन प्रयाग, यूपी के अमान्य संस्थान से डिग्री लेनेवाले छह शिक्षकों पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शिक्षा […]

कार्रवाई. फर्जी संस्थान की डिग्री पर ली थी नौकरी

बीईओ ने दिया हेडमास्टर को प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश
हिंदी साहित्य सम्मेलन प्रयाग के अमान्य संस्थान की डिग्री पर कर रहे थे काम
कुचायकोट : हिंदी साहित्य सम्मेलन प्रयाग, यूपी के अमान्य संस्थान से डिग्री लेनेवाले छह शिक्षकों पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है. अमान्य संस्था के शैक्षणिक प्रमाणपत्र पर शिक्षक बने लोगों को हटाने के साथ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया है. विभाग को यह कार्रवाई करने में नौ माह लगे हैं. हालांकि, कुचायकोट के बीईओ हरेंद्र दुबे ने उत्क्रमित मध्य विद्यालय, सपहा के हेडमास्टर शिला राय को आदेश जारी करते हुए तत्काल प्रभाव से विद्यालय में कार्यरत शिक्षक शशि भूषण एवं शैलेश राय पर प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया है.
वहीं, उत्क्रमित मध्य विद्यालय, डुमरिया के सुधीर राम, उत्क्रमित मध्य विद्यालय लक्ष्मीपुर के गजाधर कुशवाहा को नियोजन इकाई ने सेवामुक्त कर दिया है. उसी तरह नवसृजित प्राथमिक विद्यालय मनियारा के सरोज कुमारी, प्राथमिक विद्यालय राजापुर के शिक्षक दीपक राम को तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त करने के लिए पंचायत नियोजन इकाई को आदेश दिया गया है. इस कार्रवाई से लोगों में हड़कंप है. गौरतलब है कि जिले फर्जी तरीके से शिक्षक की नौकरी करने का मामला सामने आया है.
क्या कहता है माध्यमिक शिक्षा परिषद, यूपी
शिक्षा विभाग ने हिंदी साहित्य सम्मेलन इलाहाबाद प्रयाग द्वारा संचालित मध्यमा विसारत की परीक्षा के डिग्री की जांच में यूपी माध्यमिक शिक्षा परिषद ने पत्रांक 61-2 दिनांक 28 अप्रैल 2017 को स्पष्ट किया कि इंटर परीक्षा के समकक्ष न तो मध्यमा विसारत की मान्यता थी और नहीं वर्तमान में है. ऐसे में मध्यमा विसारत की डिग्री को इंटरमीडिएट के समकक्ष मान्य नहीं है. इन शिक्षकों ने मध्यमा विसारत की डिग्री पर नौकरी ली है.
क्या कहते हैं अधिकारी
विभाग के आदेश के आलोक में छह शिक्षकों को सेवामुक्त करने एवं दो शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया है. अन्य ऐसे अमान्य संस्थानों के शिक्षकों के मामले में जांच चल रही है.
शैलेंद्र कुमार, डीईओ, गोपालगंज
जबरन बनाते थे हाजिरी
सपहा के हेडमास्टर ने पहले ही विभाग को लिखित सूचना दी थी कि शिश भूषण राय और शैलेश राय जबरन उपस्थिति पंजी पर हस्ताक्षर बनाते हैं. मना करने पर अभद्र व्यवहार पर उतारू हो जाते है. इस मामले में विभाग ने जांच पड़ताल के बाद तत्काल प्रभाव से प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है. इस पर आयुक्त सह प्रथम अपीलीय प्राधिकार सारण प्रमंडल ने भी कड़ा आदेश डीईओ को दिया था.

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