पंचदेवरी : प्रखंड मुख्यालय स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है.स्थापना के 10 वर्षों के बाद भी इस अस्पताल में कुव्यवस्था का आलम है. न पर्याप्त डॉक्टर न स्वास्थ्यकर्मी और न ही मरीजों के लिए कोई व्यवस्था. अस्पताल की बदहाली सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल रही है. इस अस्पताल की कुव्यवस्था देख ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर अपने आप सवाल खड़े हो जाते हैं.
पिछड़ा इलाका होने के कारण यहां मरीज तो बड़ी संख्या में पहुंचते हैं, लेकिन संसाधनों के अभाव के कारण डॉक्टर उन्हें प्राथमिक चिकित्सा के बाद रेफर करना ही उचित समझते हैं. शनिवार की शाम प्रभात खबर की टीम अस्पताल में पहुंची तो वहां सिर्फ दो एएनएम ही मौजूद थीं. मरीज नहीं होने के कारण डॉक्टर साहब आराम करने चले गये थे. प्रसव वार्ड में एक महिला मरीज ठंड से कांप रही थी.उसके लिए कोई व्यवस्था नहीं की गयी थी.पीएचसी की कुव्यवस्था व मरीज की स्थिति अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही को बयां कर रही थी. प्रस्तुत है इस अस्पताल की आंखों-देखी रिपोर्ट.
स्थानीय प्रखंड के बहेरवा की एक महिला प्रसव वार्ड में पहुंची थी.ठंड से बचने के लिए अस्पताल प्रबंधन द्वारा कोई व्यवस्था नहीं की गयी थी. महिला व उसके परिजन ठंड से कांप रहे थे. एएनएम का कहना था कि मरीज ठीक है. इसे किसी तरह की परेशानी नहीं है.
ओपीडी कक्ष के बगल में दवा काउंटर बंद था. वहां एंटी रैबीज नहीं होने का बोर्ड लगा दिया गया था ताकि मरीज आएं और इसे पढ़ कर समझ जाएं कि इस अस्पताल में एंटी रैबीज नहीं है. आस-पास के ग्रामीण बता रहे थे कि पिछले एक माह से एंटी रैबीज को लेकर यही स्थिति है.
