शहर के बंजारी पंप पर गोली मारकर हुई थी शिपू की हत्या
पार्षद समेत दो लोग जा चुके हैं जेल, मुख्य आरोपित समेत पांच अब भी हैं फरार
गोपालगंज : शहर के चर्चित मार्बल व्यवसायी रवि प्रकाश उर्फ शिपू कुमार की हत्या के मामले में फरार आरोपितों द्वारा सोमवार को सरेंडर किये जाने की भनक मिलने पर एसआईटी पूरे दिन खाक छानती रही. समाहरणालय पथ से लेकर बंजारी, आंबेडकर चौक, हजियापुर और अरार चौक के अलावा जादोपुर रोड में पुलिस अलर्ट दिखी. हालांकि चौकसी के कारण आरोपितों द्वारा सरेंडर किये जाने की सूचना देर शाम तक नहीं थी. सूत्रों की माने, तो हत्याकांड की जांच कर रही एसआईटी की टीम फरार आरोपितों को गिरफ्तार करना चाह रही है. इसलिए ताबड़तोड़ आरोपितों के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.
बीते 29 नवंबर को वारदात के बाद से ही मुख्य आरोपित और उसका सहयोगी फरार है. एसआईटी अबतक की कार्रवाई में पंप को सील कर सीवान, छपरा, यूपी के कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर समेत दर्जन भर ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है. डॉग स्क्वॉयड और फोरेंसिक जांच भी पुलिस करा चुकी है. वहीं, फरार आरोपितों पर वारंट भी निर्गत है. नगर इंस्पेक्टर संजय कुमार ने बताया कि एसआईटी लगातार कार्रवाई कर रही है. पुलिस की दबिश के कारण आरोपित सरेंडर भी कर सकते हैं. वैसे आरोपितों को गिरफ्तार करने के साथ ही जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा हो सकता है.
29 नवंबर को हुई थी शिपू की हत्या
नगर थाने के बसडिला निवासी व तिरूपति एजेंसी के संचालक रवि प्रकाश उर्फ शिपू कुमार की गत 29 नवंबर की रात में नगर थाने के बंजारी स्थित सिंहासिनी पेट्रोल पंप पर गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. वारदात के बाद आरोपितों ने पुलिस लाइन के पीछे काली स्थान रोड में कार में शव को रखकर आरोपित फरार हो गये थे.
मृतक कारोबारी शहर के सरेया वार्ड संख्या चार में रहते थे. पुलिस ने कांड अंकित करने के बाद साजिश के तहत हत्या कराने के मामले में बसडिला निवासी सरफराज अहमद व मृतक व्यवसायी के दोस्त वार्ड पार्षद राजेंद्र कुमार को एक दिसंबर को जेल भेज दिया है. वहीं, हत्याकांड में संलिप्त मुख्य आरोपित पेट्रोल पंप का मैनेजर गुड्डू सिंह, पंप ऑपरेटर संजय सिंह, नोजल मैन सत्येंद्र यादव तथा ओमप्रकाश सिंह की तलाश में एसआईटी की टीम छापेमारी कर रही है.
