गोपालगंज : लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी शेख अब्दुल नईम के प्रभाव में आकर उसके पासपोर्ट का सत्यापन करने वाले अधिकारी से लेकर ड्राइवरी लाइसेंस बनाने व आधार कार्ड बनाने वालों पर एनआईए का शिकंजा कसने लगा है. एनआईए की जांच कई अधिकारियों की गले की फांस बनती जा रही है. जांच में तेजी आने से इस पूरे प्रकरण में संलिप्त लोगों के हलक सूखने लगे हैं. एनआईए की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही, वैसे ही इनकी मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं.
पहले दौर में एनआईए की टीम ने अनुमंडल पदाधिकारी, डीटीओ, तत्कालीन एमवीआई समेत 33 लोगों से पूछताछ की है. पासपोर्ट बनाने के मामले की भी जांच चल रही है. इसमें पुलिस इंस्पेक्टर और दारोगा से पूछताछ पहले ही दिन हो चुकी है. रिकाॅर्ड को जब्त करने के बाद एनआईए की टीम भले ही लौट गयी है, लेकिन इसकी जांच अभी जारी है. एनआईए से जुड़े सूत्रों का मानना है कि पासपोर्ट बनाने से पहले विदेश विभाग की गाइड लाइन है, जिसमें आवेदन देने के बाद उसकी जांच विदेश विभाग की पुलिस से कराती है. इस जांच में स्थानीय थाना कुल 26 कॉलम की जांच कर उसकी रिपोर्ट देता है. थाने की रिपोर्ट के अनुरूप पुलिस कप्तान की अनुशंसा के बाद पासपोर्ट बनता है. सोहैल के पासपोर्ट बनाने में गड़बड़झाला हुआ है.
