गोपालगंज : पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की खुफिया शाखा से शेख अब्दुल नईम जुड़ा था. गोपालगंज से गिरफ्तार एनएसयूआई के धन्नु राजा उर्फ बेदार बख्त को नईम ने भारतीय सेना के रेजिमेंटल सेंटर और हाईड्रो पावर प्रोजेक्ट की रेकी करने का टास्क सौंपा था. इसके एवज में धन्नु राजा को सात लाख रुपये दिया गया था. धन्नु राजा सोशल मीडिया के माध्यम से खुद को सोशल कार्यों में प्रचारित करने में लगा था कि लोगों को उसपर शक नहीं हो.
पिछले डेढ़ वर्षों से भी अधिक समय से नईम शेख के संपर्क में था और उसके निर्देशों का पालन कर रहा था. नईम शेख ने धन्नु राजा को लाखों रुपये भी उपलब्ध कराए थे. लश्कर ने एक बार फिर वर्ष 2008 के मुंबई हमले की तर्ज पर भारतीय सेना के किसी रेजिमेंट सेंटर या फिर हाईड्रो पावर प्रोजेक्ट पर बड़े हमले की साजिश रची थी. सुरक्षा एजेसियों से जुड़े सूत्रों की मानें तो नईम शेख को लश्कर ने वही जिम्मेदारी दी थी जो वर्ष 2008 के मुंबई हमले के लिए पाक, अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली को मिली थी.
नईम पाकिस्तान में बैठे लश्करे तैयबा के आकाओं ने भारत के सैन्य अड्डों और हाईड्रो पावर प्रोजेक्ट की रेकी करने का जिम्मा दिया था. बिहार, पं बंगाल, कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत देश के कई राज्यों का दौरा कर जाल फैला चुका था.
