शिकंजा . लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी अब्दुल नईम से जुड़े तथ्यों को जुटाने में जुटी एनआईए
गोपालगंज : आतंकी अब्दुल शेख नईम गोपालगंज में आकर सोहैल खान कैसे बन गया, इसकी जांच में देश की सुरक्षा एजेंसियां जुटी हुई हैं. पिछले तीन दिनों से सोहैल खान से जुड़े रिकाॅर्ड की जांच चल रही है. इस दौरान सोहैल खान के नाम पर गोपालगंज के जंगलिया के पते से बनवाये गये पासपोर्ट से जुड़े रिकाॅर्ड को जब्त किया गया है. पासपोर्ट की सत्यापन करनेवाले भी जांच के दायरे में आ सकते हैं. पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया काफी प्रभावकारी है. पासपोर्ट बनाने से पहले पुलिस अधिकारी आवेदक के नाम व पता, उसके स्थायी निवास का सत्यापन करने के पश्चात आम लोगों की गवाही लेने के बाद सत्यापित करते हैं.
इस प्रक्रिया के दौरान नईम ने सभी की आंखों में धूल झोंक कर पासपोर्ट बनवाने में सफलता हासिल की थी. आम तौर पर माना जाता है कि पासपोर्ट सबसे बेहतर पहचान के लिए दस्तावेज है. शेख अब्दुल नईम सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर सोहैल खान के नाम पर गोपालगंज का स्थायी निवासी होकर किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता था
और वह चकमा देकर देश को छोड़ कर भाग भी सकता था. पासपोर्ट में हुए फर्जीवाड़े की जांच से कई खुलासे हो सकते हैं. पुलिस जांच में चूक का यह सबसे बड़ा उदाहरण है. इस मामले में पुलिस अधीक्षक मृत्युंजय चौधरी का कहना है कि एनआईए पूरे मामले की जांच कर रही है, जहां उन्हें जरूरत है, पुलिस सहयोग कर रही है. अगर एनआईए के द्वारा फर्जीवाड़े में कार्रवाई का आदेश दिया जाता है तो तत्काल पुलिस के स्तर से कार्रवाई शुरू हो जायेगी.
आधार बनानेवाले भी एनआईए के रडार पर : शेख अब्दुल नईम ने देश की सुरक्षा में सेंधमारी के लिए हर स्तर पर तैयारी की थी. नईम ने सोहैल खान के नाम से आधार कार्ड भी गोपालगंज का तैयार किया था. आधार कार्ड बनानेवाले भी एनआईए के रडार पर हैं. आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू से ही संदिग्ध रही है. आधार बनाने के लिए जन्मतिथि से जुड़े किसी भी पहचान पत्र की जरूरत है. यहां वार्ड कमिश्नर और मुखिया के सत्यापित पहचान पत्र पर भी आधार तैयार हो होता है. नईम ने हो सकता है कि सोहैल के नाम से आधार बनाने में भी इसी तरह का फर्जीवाड़ा किया हो सकता है. इससे पर्दा उठना अभी बाकी है.
सोहैल के साथ रहने वालों से हो रही पूछताछ : जादोपुर रोड स्थित हरि मार्केट में आतंकी नईम अपनी स्मार्ट लर्नर एकेडमी खोल रखी थी, जिसमें यहां तैयार किये गये कुछ दोस्तों और स्टॉफ के साथ मिल कर संस्था का संचालन कर रहा था. सोहैल से जुड़े रहने वालों से भी पूछताछ हो सकती है. इसे देखते हुए सोहैल से जुड़े लोग भूमिगत होने लगे हैं. उन्हें पूछताछ का भय सताने लगा है. सीधा-साधा सुंदर सुकांत, मृदुभाषी सोहैल आतंकी हो सकता है इसका अंदाजा उसके साथ रहने वालों को भी शायद नहीं होगा. कुछ चंद लोग ही उसकी असलियत जानते होंगे. वहीं जो सच जानते हैं, उनकी मुश्किलें बढ़ी हुई हैं.
धन्नु राजा से जुड़े कई युवक शहर से गायब : लश्कर से एनएसयूआई के बेदार बख्त उर्फ धन्नु राजा के संबंध उजागर होने के बाद उससे जुड़े कई युवक शहर छोड़ कर गायब हो चुके हैं. एनआईए की टीम शहर में डेरा डाल कर छानबीन कर रही है.
कब कौन रडार पर आयेगा, कहना मुश्किल है. ऐसी स्थिति में युवाओं के गायब होना भी चर्चा का विषय है. धन्नु राजा के बारे में धीरे-धीरे सच खुल कर सामने आने लगा है. बेदार बख्त उर्फ धन्नु राजा का नईम के साथ गहरा रिश्ता था. गोपालगंज में नईम को कदम -कदम पर धन्नु राजा जैसे युवाओं का साथ मिला. धन्नु के अलावा और किन लोगों ने साथ दिया है, इसकी जांच अभी चल रही है.
