पैसे के बल पर संदिग्धों का पहचान पत्र बनवाने के फिराक में था धन्नु

वार्ड पार्षद को एक पहचान पत्र के लिए 10 हजार दे रहा था रिश्वत वार्ड पार्षद के इन्कार के बाद जतायी थी नाराजगी गोपालगंज : शहर में रह रहे संदिग्ध लोगों की पहचान पत्र बनवाने की फिराक में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा धन्नु राजा उर्फ बेदार वख्त था. इससे पहले भी वार्ड पार्षदों के पैड पर […]

वार्ड पार्षद को एक पहचान पत्र के लिए 10 हजार दे रहा था रिश्वत

वार्ड पार्षद के इन्कार के बाद जतायी थी नाराजगी
गोपालगंज : शहर में रह रहे संदिग्ध लोगों की पहचान पत्र बनवाने की फिराक में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा धन्नु राजा उर्फ बेदार वख्त था. इससे पहले भी वार्ड पार्षदों के पैड पर वार्ड का निवासी बता कर कई प्रमाणपत्र बनवा चुका था. सरेया वार्ड नं एक के रहनेवाले मामा सोएबुल रहमान के घर बचपन से रहने वाले धन्नु राजा ने वार्ड के पार्षद सुरेश चौरसिया के घर 15 नवंबर को तीन लोगों के साथ पहुंचा. उसके साथ तीनों लोग शहर के रहने वाले नहीं थे और नाहीं वार्ड पार्षद उन्हें पहचानते थे. तीनों लोगों के नाम का प्रमाण पत्र देने के लिए आग्रह किया और कहा कि इस वार्ड के रहने वाले है इसे अभिप्रमाणित कर दे.
हर पहचान पर 10 हजार रुपये देने का ऑफर किया. इन्कार करने पर कहा कि 10-11 लोगों का प्रमाण पत्र बनाना है. सवा लाख रुपया देंगे. इस पर सुरेश चौरसिया के होश उड़ गये. चौरसिया ने इन्कार करते हुए उन्हें दोबारा नहीं आने की सलाह दी. इसकी पुष्टि करते हुए सुरेश चौरसिया ने कहा कि 15 नवंबर को संदिग्ध लोगों के लिए धन्नु के द्वारा जब दबाव बनाया गया तो मैं समझ गया था कि इसकी मंशा ठीक नहीं है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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