गोपालगंज : मुख्यमंत्री की सात निश्चय योजना में शामिल पक्की नली-गली योजना जिला मुख्यालय में ही फेल साबित हो रही है. इस योजना के तहत शहर की गलियों में पक्की सड़क का निर्माण नहीं कराया जा रहा है. शहर के कई ऐसे मुहल्ले हैं जहां पक्की सड़क नहीं है. इन मुहल्लों के निवासी कच्ची व उबड़-खाबड़ रोड़ से ही आते-जाते हैं. बारिश होने पर कच्ची सड़क और भी बदतर हो जाती है. लोग परेशान हैं .
और पक्की सड़क के लिए अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों तक आवाज भी पहुंचा चुके हैं. उधर, सीएम ने भी अधिकारियों को सात निश्चय में शामिल सभी योजनाओं को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है. इसके बावजूद शहर में पक्की नली-गली योजना फेल साबित हो रही है.
वार्ड नंबर 21 की कच्ची सड़क
शहर के राजेंद्र नगर मुहल्ले का आधा क्षेत्र वार्ड नंबर 21 में पड़ता है. यहां लोगों ने आपसी समझौता कर सड़क के लिए जमीन मालिकों से जगह छोड़वा ली. स्टेशन रोड में तेल डिपो के बगल से 10-12 फुट चौड़ाई की कच्ची सड़क भी बन गयी. लेकिन, पिछले 10 वर्षों से इस कच्ची सड़क का पक्कीकरण नहीं किया गया. इससे बारिश के दिनों में कीचड़ व जलजमाव होने से लोगों को परेशानी होती है. इस मुहल्ले में तो नाला का निर्माण भी नहीं कराया गया है.
वार्ड नंबर 25 की सड़क जर्जर
शहर के कॉलेज रोड व घोष मोड़ से दक्षिण दिशा में वार्ड नंबर 25 है. इसकी कई गलियों में पक्की सड़क नहीं है. एक गली में लोगों ने सड़क निकाल लिया है. सड़क कच्ची थी तो वहां ईंटीकरण कर जैसे-तैसे आने-जाने लायक बना लिया.
कुछ दिनों बाद सड़क से कई ईंटें उखड़ गयीं हैं और उबड-खाबड़ रोड से हीं लोगों को आवागमन करना पड़ रहा है. वार्ड में नाला का काम भी अभी अधूरा है.
वार्ड नंबर 26 की सड़क जर्जर
शहर के बरौली बस स्टैंड के उतर दिशा में स्थापित वार्ड नंबर 26 में पिछले कई वर्षों से पक्की सड़क की समस्या है. यहां काफी चौड़ी सड़क तो है , लेकिन उसका पक्कीकरण नहीं किया गया है. जबकि, पक्की नली-गली योजना में चयन भी किया गया है.
सड़क कच्ची रहने से बारिश के मौसम में लोगों को काफी परेशानी होती है. वहीं , अन्य दिनों यहां कच्ची सड़क पर हमेशा धूल भी उड़ती रहती है.
