व्यवसायी हत्याकांड. िगरफ्तार राजेंद्र व सरफराज ने पूछताछ के दौरान पुलिस के समक्ष किया खुलासा
गोपालगंज : चर्चित मार्बल व्यवसायी रवि प्रकाश उर्फ शिपू की हत्या साजिश के तहत बुलाकर की गयी थी. गुड्डु के लाइसेंसी रिवॉल्वर से शिपू को गोली मारी गयी थी. हत्या के बाद आरोपितों ने वारदात को छिपाने का पूरा प्रयास किया. पेट्रोल पंप पर शिपू को फोन करके बुलाया गया था. दुकान बंद करने के बाद शिपू पंप पर ही पहुंचा था, जहां पहले से पंप मैनेजर गुड्डु सिंह, सहायक मैनेजर ओमप्रकाश सिंह और पार्षद राजेंद्र सिंह के अलावा अन्य मौजूद थे.
पुलिस ने अबतक की जांच में आरोपितों के विरुद्ध हत्याकांड से जुड़े कई साक्ष्य बरामद हुए हैं. वारदात के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़े चश्मदीदों की माने तो पंप पर शराब पार्टी के साथ ताश का पत्ता खेला जा रहा था. शिपू को रिवॉल्वर से गोली मारने के बाद गुड्डु सिंह और उसके साथ ने बाहर निकालने की कोशिश की. शिपू का शरीर भारी था, इसलिए वार्ड पार्षद राजेंद्र सिंह, सत्येंद्र यादव, संजय सिंह और सरफराज अहमद को भी बुलाया गया. वीडियो में साफ तौर पर वारदात के बाद की पूरी कहानी बयां हो रही है.
एक युवक वीडियो बना रहा था तो वहीं गोली लगने के बाद चार युवक व्यवसायी शिपू को उठा कर बाहर निकाल रहे थे. बाहर निकालने के बाद आरोपितों ने व्यवसायी की कार से ही शिपू को बंजारी स्थित एक निजी नर्सिंग होम पर लेकर गये हैं. नर्सिंग होम की सीसीटीवी में भी तसवीर कैद है. नर्सिंग होम के पास सड़क पर बाइक से दो युवक खड़े दिख रहे हैं, तो कार ड्राइव करनेवाला दूसरा युवक था. इधर, शिपू को पंप से बाहर निकालते ही साक्ष्य को मिटाने का प्रयास शुरू हो गया. इन आरोपितों ने वार्ड पार्षद को हत्या को कैसे भी मैनेज करने का जिम्मा सौंपा था.
पांच आरोपितों की तलाश में छापा
पुलिस ने हत्याकांड के दूसरे दिन पेट्रोल पंप के संचालक, मैनेजर समेत पांच आरोपितों की तलाश में कई जगहों पर छापेमारी की. छापेमारी के दौरान पुलिस को आरोपितों की गिरफ्तारी करने के लिए ठोस सुराग नहीं मिला. पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में गठित एसआईटी की टीम ने शहर के अलावा आरोपितों के कई ठिकानों पर शुक्रवार को छापेमारी की. नगर इंस्पेक्टर संजय कुमार ने कहा कि आरोपितों की तलाश में छापेमारी हो रही है.
निर्दोश है मेरा बेटा
वार्ड पार्षद राजेंद्र सिंह की गिरफ्तारी के बाद मां साभा देवी नगर थाने में पहुंची. बुजुर्ग महिला ने कहा कि मेरा बेटा निर्दोश है. हत्याकांड में राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है. परिजनों ने नगर इंस्पेक्टर से मामले में गहराई से जांच करने की मांग की है.
वारदात के दौरान ही पत्नी की आयी थी कॉल : पुलिस को पंप पर हुए वारदात में जो वीडियो हाथ लगा है, उसमें मृतक की पत्नी का कॉल आने का जिक्र किया गया है. वीडियो में साफ तौर पर कहा जा रहा है ‘हे भगवान, जल्दी करो. शिपू की पत्नी का कॉल भी आ रहा है. वारदात के समय शिपू की पत्नी ने कॉल की थी.
इंस्पेक्टर ने भी दर्ज करायी प्राथमिकी
नगर इंस्पेक्टर संजय कुमार ने हत्याकांड के बाद दूसरी प्राथमिकी दर्ज करायी. इंस्पेक्टर ने दर्ज प्राथमिकी में पंप संचालक, मैनेजर गुड्डु सिंह, सहायक मैनेजर ओमप्रकाश सिंह, नोजल मैन सत्येंद्र यादव, ऑपरेटर संजय सिंह, वार्ड पार्षद राजेंद्र सिंह तथा बसडिला निवासी सरफराज अहमद को नामजद किया है. हत्या के बाद शराब की बरामदगी होने के मामले में इंस्पेक्टर ने यह कार्रवाई की है.
