फटे हैं गद्दे, चादर गायब, संक्रमण का खतरा
प्रसूता विभाग की स्थिति खराब, चारों ओर फैली है गंदगी
गोपालगंज : बदहाल हो चुके अस्पताल में मरीजों का खून से सने फटे-पुराने गद्दे व चादर पर इलाज हो रहा है. वर्षों पहले अस्पताल में नये गद्दे आये थे जो कि अब पूरी तरह से जबाव दे चुके हैं. नियमानुसार यहां हर मरीज के डिस्चार्ज होते ही चादर बदलना चाहिए लेकिन यहां चादरें नहीं होने से बदलने का सवाल ही नहीं उठता. भर्ती होने के साथ ही मरीज अपने घर से चादर लेकर आते हैं. फटे पुराने स्पंज के गद्दे जिनमें घायल मरीजों का खून जमा हुआ है. ऐसे गद्दों पर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है.
गिने-चुने जो फटे-पुराने जो गद्दे-चादर उनकी धुलाई और सफाई भी नहीं होती. और न ही बेड को साफ किया जाता है. शौचालय की स्थिति देखने लायक तक नहीं थी. साफ-सफाई नहीं होने से गंदगी के कारण अस्पताल में संक्रमण फैल रहा है. शनिवार को लेबर वार्ड में भर्ती मरीजों की परेशानी को कोई सुनने वाला तक नहीं था. कैदी वार्ड में भर्ती कैदी परशुराम प्रसाद ने कहा मंडल कारा में समय पर भोजन भी मिल जाता था, लेकिन यहां नाश्ता के अलावा भोजन नसीब भी नहीं हो रहा.
नहीं मिल रहा भोजन
भर्ती मरीजों को सुबह में नाश्ता व चाय, दोपहर में भोजन व रात में फिर भोजन देने का प्रावधान है. इसके लिए स्वास्थ्य समिति से हर दिन एक मरीज पर 74 रुपये खर्च किया जा रहा है. बावजूद इसके मरीजों को भोजन मिल पा रहा. हालांकि सिविल सर्जन ने इस मामले में गंभीरता से लेते हुए जांच करने की बात कही है.
समय लगेगा, पर हो रहा सुधार : सीएस
सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार चौधरी ने कहा कि अस्पताल की व्यवस्था सुधार करने में समय लगेगा. लेकिन जहां कमियां मिल रही हैं, वहां सुधार कराया जा रहा है. मरीजों को भोजन नहीं मिलने की शिकायत को मैं स्वयं जांच करूंगा.
डॉ अशोक कुमार चौधरी
पूछते ही विफर पड़े मरीज
कुचायकोट के देउरवां गांव की रहनेवाली खुशबू नेशा ने कहा कि दूध-दही और अंडा की बात कौन करे, कभी-कभार मिलनेवाला भोजन भी ठंडा मिलता है.
खुशबू नेशा
विजयीपुर के घाट बंधौरा के रहनेवाले पप्पू ठाकुर ने बताया कि मरीज को भोजन देने का कोई शेड्यूल नहीं है. शुक्रवार से शनिवार की दोपहर तक कुछ भी नहीं मिला.
पप्पू ठाकुर
लेबर कक्ष में हैं ये वार्ड
कैदी वार्ड
महिला वार्ड
पुरुष वार्ड
कालाजार वार्ड
ओटी कक्ष
डेंगू वार्ड
मलेरिया वार्ड
वर्न वार्ड
