लापरवाही. दो साल में जा चुकी हैं 20 लोगों की जानें, पर नहीं बदला गया तार
गोपालगंज : भोरे में करेंट से छह लोगों की मौत ने सभी को झकझोर दिया है. करेंट से मौत की यह पहली घटना नहीं है. जर्जर तार व पोल मौत बन कर लोगों के सिर पर मंडरा रहे हैं. जर्जर तार से अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है. इसके बाद भी अब तक बिजली का तार नहीं बदला गया है. सवाल उठता है कि आखिर बिजली कंपनी कब तक ऐसे हादसों को होते देखती रहेगी. महज दो साल में लटकते जर्जर तार की चपेट में आने से 20 लोगों की मौत हो चुकी है. शहर के राजेंद्र नगर, श्याम सिनेमा रोड, आरिएंटल बैंक के पास, अधिवक्ता नगर जैसे कई मुहल्लों में बिजली के तार जर्जर हैं.
जुलूस में लटकते तार की चपेट में आये थे युवक
मुहर्रम के जुलूस के दिन मांझा में लटकते तार की चपेट में आने से दो युवक बुरी तरह झुलस गये थे. आज भी दोनों युवकों का इलाज चल रहा है. इसको लेकर ग्रामीणों ने आंदोलन भी किया था, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला.
पिछले अक्तूबर में टूट कर गिरा था तार
अक्तूबर में भोरे में बिजली की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गयी. महिला खेत में काम कर रही थी कि हाईटेंशन तार टूट कर गिर गया था. बिजली कंपनी ने चार लाख की मुआवजा देकर मामले को शांत कर दिया.
दो वर्षों में नहीं बदला जा सका तार
दो साल पहले शहर में जर्जर तार बदलने का काम शुरू हुआ. योजना के अनुसार, शहर के सभी तारों को बदलकर कर कवर्ड केबुल लगाना था. यह काम भी हुआ भी, लेकिन पूरा नहीं हो सका. उस समय शहर में तार-पोल बदलने का आश्वासन दिया गया था, जो अब भी अधूरा है.
वहीं, देहात में यह काम अब तक शुरू ही नहीं हुआ.
