जेल का दरवाजा ऑटोमेटिक सिस्टम से लैस होगा
बटन दबाते ही दरवाजा खुलेगा और बंद होगा
थावे : बहुत जल्द ही थावे थाना क्षेत्र में स्थापित चनावे मंडल कारा डिजिटल बन जायेगी. जेल को डििजटल बनाने की प्रशासनिक कवायद तेज हो गयी है. जेल आईजी आनंद किशोर के निर्देश पर जिलाधिकारी राहुल कुमार की मॉनीटरिंग में मंडल कारा के सभी कामों का कंप्यूटराइजेशन किया जा रहा है. सबसे पहले जेल को पेपरलेस किया जा रहा है. आठ दिनों के अंदर जेल को पेपरलेस कर दिया जायेगा. इसके तहत सभी तरह की फाइलों को कंप्यूटर पर लोड किया जा रहा है.
इसके अतिरिक्त कागज से संबंधित सभी कार्यों को भी बंद कर दिया जायेगा और सभी कार्य कंप्यूटर से ही होंगे. जेल में बंद कैदियों से मिलने आये मुलाकाती भी अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से एक-दूसरे से बात करेंगे. इसको लेकर जरूरी संसाधन उपलब्ध कराये जा रहे हैं. वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग रूम बनाया जायेगा और मुलाकाती इसमें बैठ कर संबंधित कैदी से बात कर सकेंगे. इसके अलावा पूरे परिसर में चिह्नित जगहों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाये जायेंगे.
ऑटोमेटिक सिस्टम लगेगा
जेल का दरवाजा अब ऑटोमेटिक सिस्टम से लैस होगा. एक बटन दबाते ही दरवाजा खुलेगा और बंद होगा. दरवाजे की निगरानी पुलिस बल के अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे करेंगे. दरवाजा तोड़ने या जबर्दस्ती खोलने की स्थिति में अलार्म भी बजेगा. इसको लेकर गेट मैनेजमेंट सिस्टम बनाया जा रहा है. इसके अलावा जेल में हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम और स्टॉक मैनेजमेंट सिस्टम भी बनाया जा रहा है, जिसमें जेल अस्पताल व भंडार से संबंधित सभी स्टॉक कंप्यूटर पर लोड किये जायेंगे. क्या सामान आया और क्या खत्म हो गया और क्या बचा है इसका आंकड़ा अब ऑनलाइन भी अधिकारी देख सकेंगे.
कहते हैं जेल अधीक्षक
मुलाकाती, जेल का दरवाजा सभी कामकाज, भंडार के स्टॉक को कंप्यूटराइज्ड किया जा रहा है. जेल में एक सप्ताह में करीब 80 फीसदी कार्य डिजिटल रूप से होने लगेंगे. गेट, हॉस्पिटल, स्टॉक के लिए सॉफ्टवेयर लगाने का कार्य जोर-शोर से चल रहा है.
संदीप कुमार, जेल अधीक्षक, थावे
