न दुकानें हटीं न पार्किंग पर रोक

िफर वही परेशानी. एक दिन का अभियान, कैसे लगे अतिक्रमण पर विराम गोपालगंज : शहर में अतिक्रमण और जाम पर अंकुश लगाना अब सवाल बन कर रह गया है. 10 दिनों के प्रचार और एक दिन अभियान चलाने के बाद नगर प्रशासन सुस्त है. क्या एक दिन के अभियान से अतिक्रमण पर विराम लग जायेगा. […]

िफर वही परेशानी. एक दिन का अभियान, कैसे लगे अतिक्रमण पर विराम

गोपालगंज : शहर में अतिक्रमण और जाम पर अंकुश लगाना अब सवाल बन कर रह गया है. 10 दिनों के प्रचार और एक दिन अभियान चलाने के बाद नगर प्रशासन सुस्त है. क्या एक दिन के अभियान से अतिक्रमण पर विराम लग जायेगा. इस अभियान के बाद शहरवासियों को इस समस्या से निजात पाना मुश्किल ही नहीं नामुमकीन भी लगने लगा है. मंगलवार को भी अतिक्रमण हटाओ अभियान नहीं चला. गौरतलब है कि शहर को जाम एवं अतिक्रमण से मुक्ति दिलाने के लिए नगर पर्षद और जिला प्रशासन द्वारा मेगा मंथन कर रणनीति बनायी गयी. दस दिनों तक ध्वनि विस्तारक यंत्र से दुकान हटाने और पार्किंग न करने की हिदायत दी गयी.
अपने घोषित कार्यक्रम के तहत शनिवार को नगर पर्षद द्वारा पोस्ट ऑफिस चौक से थाना चौक तक अतिक्रमण हटाया गया, बाइक चालकों से जुर्माना भी वसूला गया. साथ ही हिदायत दी गयी कि इस सड़क पर कोई भी व्यक्ति न तो दुकान लगायेगा और न ही वाहन पार्किंग करेगा. तय था कि अतिक्रमण खत्म होने तक अभियान चलता रहेगा, लेकिन शनिवार के बाद ऐसा कुछ नहीं हुआ. सोमवार को पुन: वाहन पार्किंग करने और दुकानें सजाने का काम शुरू हुआ,
तो मंगलवार को यह अपने पुराने शबाब पर लौट आया है. अवैध स्टैंड हो या पार्किंग की बात, सड़क पर दुकान लगानी हो या वाहन खड़ा करना हो, सबकुछ हर जगह मनमानी जारी है. यूं कहा जाये तो अतिक्रमण करने का दौर अब कुछ ज्यादा ही है. सबसे बुरा हाल समाहरणालय रोड का है, जहां से अभियान की शुरुआत की गयी. थाना रोड से समाहरणालय रोड तक ठेला वालों ने अपनी दुकानें लगा ली हैं.
सवाल उठता है कि क्या यह अभियान एक दिन के लिए था.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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