गांव में दहेज व बाल विवाह पर चौकीदार रखेंगे नजर

दहेज प्रथा व बाल विवाह को दूर करने के लिए पहल बरौली : न दहेज लेंगे न लेने देंगे वाले मिशन को सरजमीं पर उतारने के लिए पुलिस महकमा ने भी कमर कस ली है. गांवों में बाल विवाह व दहेज लेनेवालों पर चौकीदार नजर रखेंगे. मतलब साफ है कि समाज में व्याप्त दहेज प्रथा […]

दहेज प्रथा व बाल विवाह को दूर करने के लिए पहल

बरौली : न दहेज लेंगे न लेने देंगे वाले मिशन को सरजमीं पर उतारने के लिए पुलिस महकमा ने भी कमर कस ली है. गांवों में बाल विवाह व दहेज लेनेवालों पर चौकीदार नजर रखेंगे. मतलब साफ है कि समाज में व्याप्त दहेज प्रथा व बाल विवाह को दूर करने के लिए पुलिस ने मुस्तैदी से मैदान में उतरने की तैयारी कर ली है. बताया जा रहा है कि समाज के निचले स्तर तक इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए चौकीदारों को सक्रिय कर मुहिम का आगाज किया गया है. तर्क है कि दहेज लेने-देने एवं बाल विवाह की सूचना पुलिस पदाधिकारी को मिलेगी और बिना देर किये कार्रवाई होगी.
अपराध अनुसंधान विभाग ने भेजा पत्र
इस मुहिम को सख्ती से लागू करने के लिए अपराध अनुसंधान विभाग ने सभी थानों को दहेज निषेध अधिनियम के तहत पत्र जारी कर कार्रवाई करने को कहा है. अधिनियम के अनुसार वधू या वर पक्ष के रिश्तेदार प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से यदि मूल्यवान संपत्ति की मांग करता है, तो छह माह से दो साल तक की सजा के साथ आर्थिक दंड लगाया जायेगा.
दो माह में दाखिल होगा चार्जशीट : कानून को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में अब बाल विवाह व दहेज प्रथा से संबंधित मामले में दो माह के अंदर चार्जशीट दायर किया जायेगा. सभी स्तर पर गठित टास्क फोर्स टीम इस पर काम करेगी. वरीय पुलिस अधीक्षक दो माह के अंदर इन मामलों में चार्जशीट दायर करेंगे.
करार या समझौता नहीं होगा : इस प्रकार के मामले में कोई भी करार या समझौता नहीं किया जायेगा. जिला और अनुमंडल स्तर पर होनेवाली मासिक अपराध गोष्ठी में ऐसे कांडों की समीक्षा कर पुलिस पदाधिकारी से कांडों का निष्पादन करा कर आरोपितों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करायी जायेगी. अपराध अनुसंधान विभाग ने दहेज प्रथा को गैरकानूनी बताते हुए इसके उन्मूलन के लिए दहेज निषेध अधिनियम 1961 को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए 10 बिंदुओं पर कानूनी कार्रवाई करने के लिए कहा है.
क्रियाशील होंगे चौकीदार : दहेज लेन-देन की सूचना देनेन के लिए थाना स्तर पर चौकीदार को अधिक क्रियाशील होना होगा. चौकीदारों को प्रतिदिन दहेज एवं बाल विवाह मामलों पर व्यापक नजर रखने के लिए प्रेरित किया जायेगा. प्रत्येक रविवार को चौकीदारों की परेड में थानाध्यक्ष और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दहेज लेने-देने एवं बाल विवाह की सूचना प्राप्त कर समीक्षा करते हुए कानूनी कार्रवाई करेंगे.
जनप्रतिनिधि व सामाजिक संगठनों का होगा सहयोग : प्रत्येक थाना स्तर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन के सहयोग से सूचनाएं संकलित की जायेंगी. इसमें दहेज लेने और देने वाले दोनों अपराध के पात्र होंगे. इसके लिए सजा के साथ आर्थिक दंड के प्रावधान के अनुसार कार्रवाई की जायेगी.
कहते हैं अधिकारी
बाल विवाह व दहेज उन्मूलन को कारगर बनाने के लिए सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है. सरकार के दिशा निर्देश के अनुरूप जिले की पुलिस काम करने में जुटी है.
विभाष कुमार, डीएसपी, गोपालगंज
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