पहल. डेंगू से जंग लड़ने के लिए नगर पर्षद की तैयारी
गोपालगंज : शहर डेंगू बुखार से तप रहा है. दहशतजदा मरीज ताबड़तोड़ जांच करा रहे हैं. पिछले एक सप्ताह से डेंगू का वायरस शहर में तेजी से फैल रहा है. प्रभात खबर में समाचार छपने के बाद नगर पर्षद की नींद खुली है. नगर पर्षद ने मच्छरों से जंग लड़ने के लिए तैयारी शुरू कर दी है. नगर पर्षद प्रशासन ने डेंगू मच्छरों को मारने के लिए डबल बैरल की मशीन पांच लाख रुपये खर्च कर मंगायी है. रविवार से शहर के आठ-आठ वार्डों में एक साथ फॉगिंग करायी जायेगी.
नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी ज्योति श्रीवास्तव इसकी मॉनीटरिंग कर रहे हैं. डेंगू की चपेट में राजद के पूर्व विधायक समेत 43 लोगों के आने के बाद नगर पर्षद की नींद खुली है. नयी मशीन डबल बैरल में होने से महज एक टेक्निकल व्यक्ति इसे चलायेगा. 50 लीटर डीजल, पांच लीटर पेट्रोल, दो लीटर कैमिकल एक साथ डाल कर तीन घंटे तक फॉगिंग की जायेगी.
पुरानी मशीन से भी होगी फॉगिंग
नगर पर्षद की पुरानी मशीन से भी काम लेने की तैयारी चल रही है. पुरानी मशीन को चलाने में दो लोग लगते हैं. इसके साथ ही मशीन से हाथ जलने की संभावना बनी रहती है. इन मशीनों का उपयोग उन्हीं स्थानों पर किया जायेगा, जहां नयी मशीन वाली गाड़ी नहीं जा सकती. प्रत्येक गली मुहल्लों को कवर करने के लिए तैयारी की गयी है. नगर पर्षद के कर्मियों को ट्रेनर द्वारा ट्रेनिंग दी गयी है.
जानलेवा न बन जाये डेंगू शॉक सिंड्रोम : सदर अस्पताल में डेंगू के दो नये मरीज पाये गये, जिनमें लक्षण पाये गये हैं. डॉ कौसर जावेद की मानें तो डेंगू में प्लेटलेट्स गिरना नहीं, बल्कि ब्लडप्रेशर गिरना खतरनाक है. मरीज अगर खाने-पीने पर उल्टी कर रहा है, तो उसे अस्पताल में भर्ती कराएं. डेंगू शॉक सिंड्रोम पर जानकारी देते हुए कहा कि मल्टी आर्गन फेल्योर के भी मामले बढ़े हैं. बुखार, सिरदर्द, जोड़ों में दर्द, लाल चकत्ते एवं अन्य जटिलताओं के साथ रहा है. कार्डियक और डायबिटिक मरीजों में डेंगू ज्यादा खतरनाक हो सकता है.
