पंचदेवरी : छठ महापर्व के शुरू होते ही गांव की गलियां पारंपरिक गीतों से गूंजने लगी हैं. केरवा जे फरेला घवद से, कांच ही बांस के बहंगिया आदि गीतों से पूरा वातावरण छठमय हो गया है. ग्रामीण इलाके में हर घर से भारतीय संस्कृति की महक बिखेरती हुई बस ऐसी ही आवाज सुनने को मिल रही है. लोक आस्था के इस चार दिवसीय महापर्व को लेकर महिलाएं काफी उत्साहित हैं.
पारंपरिक गीतों से गूंज उठीं गलियां
पंचदेवरी : छठ महापर्व के शुरू होते ही गांव की गलियां पारंपरिक गीतों से गूंजने लगी हैं. केरवा जे फरेला घवद से, कांच ही बांस के बहंगिया आदि गीतों से पूरा वातावरण छठमय हो गया है. ग्रामीण इलाके में हर घर से भारतीय संस्कृति की महक बिखेरती हुई बस ऐसी ही आवाज सुनने को मिल […]

चारों ओर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है. खासकर महिलाएं तो भक्ति और श्रद्धा में सराबोर हो चुकी हैं. मंगलवार को नहाय-खाय के साथ महापर्व के शुरू होते ही महिलाएं आस्था में लीन हो गयीं. जमुनहा, पंचदेवरी, बहेरवा, राजापुर आदि बाजार छठपूजा के सामान से पट गये हैं.