पुलिस ‘नींद’ में, खुद रहें अलर्ट
गोपालगंज : चोरी, लूट और छिनतई. शहर में न बाइक सुरक्षित और न किसी का घर. बीच सड़क पर नशेड़ी बाहर से आनेवाले यात्रियों को चाकू मार कर लूटपाट कर देते हैं और ताला बंद घर को शाम होते ही खंगाल डालते हैं. आखिर ऐसा क्यों? क्या यह सिर्फ पुलिस की नाकामी है या फिर […]
गोपालगंज : चोरी, लूट और छिनतई. शहर में न बाइक सुरक्षित और न किसी का घर. बीच सड़क पर नशेड़ी बाहर से आनेवाले यात्रियों को चाकू मार कर लूटपाट कर देते हैं और ताला बंद घर को शाम होते ही खंगाल डालते हैं. आखिर ऐसा क्यों? क्या यह सिर्फ पुलिस की नाकामी है या फिर सुरक्षा के प्रति अनदेखी भी जिम्मेदार है? संसाधन की कमी,
पुलिसिया अकुशलता या लोगों की लापरवाही. ‘प्रभात खबर’ ने शुक्रवार की रात में पहरेदारी की पड़ताल की, तो ये तीन बातें सामने आयीं. कुछ हैरान और परेशान करनेवाले तथ्य भी सामने आये. पता चला कि थाने की गश्ती की टीम मुहल्ले में एक बार भी नहीं पहुंच पाती. ऐसे में मुहल्ले के लोग अपनी सुरक्षा को लेकर खुद अलर्ट रहे, तो बेहतर होगा. क्योंकि, आजकल टाउन की पुलिस नींद में है. रात की पहरेदारी और पुलिस की गश्ती से जुड़े ऐसे ही तथ्यों से रू-ब-रू कराती हमारे क्राइम रिपोर्टर ‘गोविंद कुमार’ की यह रिपोर्ट.
रात में शहर के चौक-चौराहों पर नहीं दिखती पुलिस
शाम होते ही मारी गयी थी दो भाइयों को गोली
सुनसान सड़कें, यहां इक्का-दुक्का वाहन आ-जा रहे थे. समाहरणालय पथ पर पूरी तरह से सन्नाटा था. मौनिया चौक से डाकघर चौराहा तक पुलिस की गश्त नहीं थी. दो दिन पूर्व यहां युवकों के दो गुटों के बीच मारपीट हुई थी. पिछले साल मौनिया चौक पर मांझा के दो सगे भाइयों को गोली मारी गयी थी. तब से यह इलाका रात होते ही संवेदनशील माना जाने लगा.
डाकघर चौक होकर लायी जाती है शराब की खेप
डाकघर चौक से कई मुहल्लों और इलाकों में जाने के लिए अलग-अलग रूट हैं. यूपी से शराब की तस्करी करनेवाले माफियाओं के लिए यह रूट सेफ जोन माना जाता है. रात में 10 बजे के बाद यहां की दुकानें बंद हो जाती हैं. पुलिस भी नहीं रहती है. ऐसे में इस रास्ते से शराब माफियाओं का वाहन आसानी से शहर में प्रवेश कर जाता है. पुलिस की गश्ती गाड़ी आती है, मगर रुक कर वाहनों की जांच नहीं करती है.
यहां हर रोज लूटे जाते हैं बाहर से आनेवाले यात्री
आंबेडकर चौक सदर अस्पताल के पास है. यहां आये दिन हो रही घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस का चेकपोस्ट बनाया गया है. दिन में पुलिस दिखती है, लेकिन में रात में 10 बजे के बाद पुलिस का कोई जवान तैनात नहीं रहता है. नशाखुरानी गिरोह यहां हर रोज बाहर से आनेवाले यात्रियों से लूटपाट करते हैं, तो वहीं दूसरी तरफ महिलाओं का देह व्यापार का धंधा भी चलता है.