गोपालगंज : सिधवलिया प्रखंड के अपग्रेड मिडिल स्कूल बहदुरा में एक दलित रसोइये को ग्रामीणों ने खाना बनाने पर रोक लगा दी. इसकी वजह महिला एचआईवी से ग्रसित है. यह मामला डीएम राहुल कुमार के पास पहुंचा, तो उन्होंने डीईओ को महिला को फिर से रसोइया बनवाने का निर्देश दिया.
उक्त महिला के पति की मौत एचआईवी के संक्रमण से हो गयी थी. वहीं, महिला भी करीब साल भर पहले एचआईवी की चपेट में आ गयी. उस समय महिला उक्त स्कूल में रसोइये के पद पर कार्यरत थी. महिला के एचआईवी ग्रसित होने की बात गांव के लोगों को पता चली, तो विरोध शुरू हो गया. ग्रामीणों ने स्कूल में पहुंच कर उसके द्वारा खाना बनाने पर रोक लगा दी और कहा कि अगर वह खाना बनायेगी तो उनके बच्चे स्कूल में नहीं आयेंगे.
इसके बाद इस मामले में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों व ग्रामीणों की संयुक्त बैठक भी हुई, लेकिन उसके खाना बनाने पर रोक जारी रही.
अब करीब एक साल बाद नेशनल कोएलिशन ऑफ पीपल लिविंग विथ एचआईवी इन इंडिया के तहत काम रही विहान नाम की एक संस्था के सदस्यों ने बीते बुधवार को डीएम से मिल कर इस मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग की. वहीं, विहान संस्था की स्टेट प्रोग्राम मैनेजर अमृता सोनी ने बताया कि पीड़िता के साथ जो भी भेदभाव हो रहा है, यह एक सरकारी जुर्म है. भेदभाव करने का आरोप साबित होने के बाद कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान है. उन्होंने कहा कि गोपालगंज के डीएम से मुलाकात कर पीड़िता को न्याय दिलाने का आग्रह किया गया है.
क्या कहते हैं हेडमास्टर
जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों व अधिकारियों के साथ पूर्व में हुई बैठक में लिये गये निर्णय के अनुसार पीड़िता ही रसोइये के पद पर कार्यरत है. ग्रामीणों के विरोध के कारण वह खाना नहीं बनाती है और उसके बदले उसकी सास स्कूल में आकर खाना बनाती है. मानदेय पीड़िता के बैंक खाते में भी भेजा जाता है. बैठक में लिये गये निर्णय व अधिकारियों के निर्देश पर ऐसा किया जाता है.
विनय कुमार तिवारी, हेडमास्टर
