जाली स्टांप से तैयार हो रहा शपथपत्र

गोपालगंज : गुरुवार की दोपहर एक बजे हैं. समाहरणालय के गेट के सामने सेल लेटर, प्रमाणपत्रों के फॉर्म बेचनेवाली दुकानों पर भीड़ लगी है. दुकानदारों ने जाली स्टांप पर सादा शपथपत्र तैयार कर रखे हैं. शपथपत्र पर एक अधिवक्ता का हस्ताक्षर नीचे किया हुआ है. यहां आनेवाले ग्राहक से 150 रुपये लेकर शपथपत्र तुरंत तैयार […]

गोपालगंज : गुरुवार की दोपहर एक बजे हैं. समाहरणालय के गेट के सामने सेल लेटर, प्रमाणपत्रों के फॉर्म बेचनेवाली दुकानों पर भीड़ लगी है. दुकानदारों ने जाली स्टांप पर सादा शपथपत्र तैयार कर रखे हैं. शपथपत्र पर एक अधिवक्ता का हस्ताक्षर नीचे किया हुआ है. यहां आनेवाले ग्राहक से 150 रुपये लेकर शपथपत्र तुरंत तैयार कर थमा दिया जा रहा है.

राशन कार्ड बनाने के लिए महिला और पुरुषों की भीड़ अनुमंडल पदाधिकारी के आरटीपीएस काउंटर पर लग रही है. राशन कार्ड के लिए जो आवेदन जमा हो रहे हैं, उसमें शपथपत्र भी देना है. यह शपथपत्र 90 फीसदी जाली स्टांप पर तैयार होकर पहुंच रहा है. यानी प्रतिदिन 15 से 20 हजार रुपये का जाली स्टांप आरटीपीएस काउंटर पर जमा हो रहा है. जाली स्टांप से तैयार हो रहे शपथपत्र अधिकारियों की नजरों के सामने से गुजर रहे हैं. इस खेल पर प्रशासन की चुप्पी माफियाओं के हौसले को बुलंद कर रही है. एक कारोबारी से पूछा गया कि यह सादा शपथपत्र कहां से लाये हो, तो उसने जवाब दिया कि कोर्ट में आसानी से मिल जायेगा.

सादा शपथपत्र पर हस्ताक्षर अपराध : कारोबारी के पास थोक के भाव में जिस प्रकार शपथपत्र है, उन पर छह सितंबर के डेट में एक अधिवक्ता का हस्ताक्षर है. इसमें रजिस्ट्रेशन नंबर 67203 दर्ज है. शपथपत्र पर हस्ताक्षर करनेवाले अधिवक्ता का घोषणापत्र है. इस पर हस्ताक्षर करना भी कानून अपराध है. इससे भी इन्कार नहीं किया जा सकता कि कारोबार करनेवाले माफिया वकील का हस्ताक्षर भी फर्जी हो. हालांकि यह मामला जांच का विषय है. इस सादा शपथपत्र पर डॉन दाउद इब्राहिम से लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का भी शपथपत्र भरा जा सकता है. अगर वकील का हस्ताक्षर सही है, तो यह अपराध की श्रेणी में है.
फ्रैंकिंग मशीन से लेना है स्टांप
जाली स्टांप के कारोबार को रोकने के लिए व्यवहार न्यायालय परिसर में फ्रैंकिंग मशीन लगायी गयी, जहां से जारी किया गया स्टांप ही मान्य और असली है.
यहां माफियाओं के द्वारा कंप्यूटर से स्कैन कर तैयार कर दिया जा रहा और प्रतिदिन रंगीन प्रिंट कर उसका शपथपत्र के लिए उपयोग किया जा रहा है.
हथुआ में भी चल रहा फर्जीवाड़ा का खेल
हथुआ अनुमंडलीय कार्यालय में भी राशन कार्ड के लिए आवेदन जमा हो रहे हैं. वहां भी जाली स्टांप पर ही शपथपत्र का खेल चल रहा है. ऐसा नहीं कि प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं है. सब कुछ जानने के बाद भी कार्रवाई जगजाहिर है. जानकार तो यह भी बताते हैं कि गोपालगंज कोर्ट में भी जाली स्टांप लगा कर मुकदमों की पैरवी से लेकर मानहानि के दावे तक में इसका उपयोग हो रहा है. जो उच्चस्तरीय जांच का विषय है.
एक्सपर्ट व्यू
जाली स्टांप का कारोबार कोर्ट से लेकर प्रशासनिक कार्यों में भी जड़ जमा चुका है. इस पर नियमानुसार एसडीओ के नेतृत्व में टीम बना कर इन अड्डों पर छापेमारी कर कार्रवाई करनी चाहिए. इनके विरुद्ध स्टांप एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करनी चाहिए. साथ ही सादे शपथपत्र पर कोई अधिवक्ता हस्ताक्षर करता है, तो यह भी अपराध है.
वेद प्रकाश तिवारी, अधिवक्ता
हां, मामला सामने आया है, कार्रवाई होगी
जाली स्टांप से शपथपत्र बनाने का मामला दो-चार दिन पहले सामने आया था. टीम बनाने के लिए पत्र जारी कर दिया गया है. जल्द ही जाली स्टांप के कारोबारियों पर कार्रवाई की जायेगी.
शैलेश कुमार दास, एसडीओ, गोपालगंज

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