सदर अस्पताल . ऊमस भरी गर्मी में मरीजों को झेलनी पड़ी परेशानी
गोपालगंज : सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में गुरुवार की सुबह करीब एक घंटा बिजली गुल रही और भर्ती मरीज बेहाल होते रहे. सुबह आठ बजे बिजली कटी तो जेनेरेटर नहीं चला, जिससे सुबह आठ बजे से नौ बजे तक सदर अस्पताल के सभी वार्डों में बिजली गुल रही. इस एक घंटे तक इमरजेंसी, महिला, बर्न, एसएनसीयू, आईसीयू व डायलिसिस वार्ड में बिजली सप्लाई बाधित रही. इन वार्डों में भर्ती मरीज ऊमस भरी गर्मी में कराहते रहे. स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार सदर अस्पताल के विभिन्न वार्डों में करीब 80 मरीज गुरुवार को भर्ती थे. ये मरीज बिजली नहीं रहने से एक घंटे तक बेहाल होते रहे और इनके परिजन हाथों से पंखा झलते रहे. कई मरीज गर्मी के कारण हांफने लगे और उन्हें सांस लेने में परेशानी हुई.
इमरजेंसी वार्ड में जीना हुआ मुहाल : सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में गंभीर रूप से बीमार लोग भर्ती थे. जब बिजली गुल रही तो मरीज व उनके परिजनों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी. मांझागढ़ थाने के सहलादपुर गांव निवासी व नशाखुरानी गिरोह के शिकार उपेंद्र यादव इमरजेंसी वार्ड में भर्ती थे और इनकी पत्नी रिंकी देवी पंखा झेल रही थीं. इसके अलावा विशंभरपुर थाने के गुमनिया गांव निवासी वृद्ध नूर
आलम, मीरगंज थाने के सिंगहा गांव निवासी किशोरी लीलावती कुमारी और मांझागढ़ थाने के छवहीं गांव निवासी मुन्ना आलम भी इमरजेंसी वार्ड में भर्ती थे और गर्मी से बेहाल हो रहे थे.
जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा सदर अस्पताल में 24 घंटे बिजली सप्लाई देने के लिए जेनेरेटर की सेवा का टेंडर किया जाता है. यह निर्धारित किया जाता है कि बिजली कटने के साथ ही ऑटोमेटिक जेनेरेटर चालू होना चाहिए और एक मिनट भी सप्लाई बाधित नहीं रहनी चाहिए. सदर अस्पताल के सभी वार्डों में 24 घंटे बिजली सप्लाई देनी है. इसको लेकर स्वास्थ्य समिति हर साल लाखों रुपये जेनेरेटर के संवेदक को भुगतान भी करती है. अस्पताल में तरह-तरह की बीमारी से ग्रस्त मरीज भर्ती रहते हैं. इन्हें बिजली व्यवस्था से सुसज्जित कमरों में रखा जाता है. अगर कुछ देर के लिए ही बिजली कट जाती है, तो इन मरीजों के शरीर से तरह-तरह के कीटाणु निकल कर इधर-उधर फैलने लगते हैं. ऐसे में अन्य व्यक्ति भी संक्रमण का शिकार हो सकते हैं.
तीन घंटे की घोषणा, 25 घंटे गायब रही बिजली : गोपालगंज . ऊमस भरी गर्मी में पावरकट से पूर्वांचल में हाहाकार मचा रहा. बिजली कंपनी ने तीन घंटे आपूर्ति ठप करने की घोषणा की थी, लेकिन 25 घंटे बिजली गायब रही. विगत एक माह में पावरकट की यह सबसे लंबी अवधि रही. गौरतलब है कि बुधवार को बिजली कंपनी ने सुबह 10 बजे से दिन एक बजे तक मेंटेनेंस कार्य को लेकर आपूर्ति बंद करने की घोषणा की थी. बुधवार की रात महज चार घंटे के लिए लोगों को बिजली मिली.
रात्रि 3 बजे के बाद गुरुवार को शाम चार बजे बिजली के दर्शन हुए. इधर ऊमस भरी गर्मी परवान पर है. इसके कारण बरौली, सिधवलिया तथा बैकुंठपर इलाका पूरी तरह प्रभावित रहा.
