गोपालगंज : गंडक नदी का जल स्तर घटने के साथ ही कटाव बेकाबू होते जा रहा है. कुचायकोट प्रखंड की कालामटिहनिया पंचायत में कटाव से दहशत है. पांच दिनों से नदी के कटाव के कारण तिवारी टोला गांव उजड़ गया. सोमवार को तीन सौ परिवार यहां से विस्थापित हो गये. नदी का कटाव अब आंगनबाड़ी केंद्र पर है. इसके अलावा नदी का निशाना प्लस टू स्कूल, मध्य विद्यालय तथा विशंभरपुर बाजार
गंडक के कटाव से तिवारी टोला उजड़ा
गोपालगंज : गंडक नदी का जल स्तर घटने के साथ ही कटाव बेकाबू होते जा रहा है. कुचायकोट प्रखंड की कालामटिहनिया पंचायत में कटाव से दहशत है. पांच दिनों से नदी के कटाव के कारण तिवारी टोला गांव उजड़ गया. सोमवार को तीन सौ परिवार यहां से विस्थापित हो गये. नदी का कटाव अब आंगनबाड़ी […]

गंडक के कटाव से…
पर है. कटाव के कारण स्थिति दिनोंदिन बिगड़ती जा रही है. सोमवार को गांव के रामाश्रय प्रसाद, ब्यास प्रसाद, उमाशंकर प्रसाद, रमावती देवी, श्यामपति कुंवर, कृष्णा प्रसाद समेत 13 लोगों के घर नदी में कटाव के कारण नष्ट हो गये. लोगों ने अपने ही हाथों से अपने घरों को तोड़ कर गांव खाली कर दिये. कल तक यहां गांव हुआ करता था आज नदी की धार बह रही है. आंगनबाड़ी केंद्र को बचाने के लिए बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता नवल किशोर सिंह के नेतृत्व में युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है.
गांव के उजड़ने के बाद यहां बोल्डर से नदी की धार को रोकने का प्रयास शुरू हो गया है. गांव से उजड़े लोगों ने मध्य विद्यालय, प्लस टू और बांध पर शरण ले रखी है. नदी के रुख के कारण फुलवरिया, भसही, कालामटिहनिया वार्ड नं 12 और 13 को बचा पाना भी मुश्किल दिख रहा है. यहां 500 परिवार नदी के निशाने पर हैं. बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता ने दावा किया है कि कटाव रोकने में बोल्डर से सफलता मिलेगी. बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है.