सरकारी व निजी सभी स्कूलों के अनट्रेंड शिक्षकों का ट्रेंड होना अनिवार्य
गोपालगंज : जिले के सरकारी व निजी स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक कार्यरत अनट्रेंड शिक्षकों को अब ट्रेंड शिक्षक बनने के लिए स्कूल व कॉलेज जाकर ट्रेनिंग लेने की जरूरत नहीं है. ऐसे शिक्षक अपने घर पर ही टीवी देख कर ट्रेनिंग ले सकेंगे. सरकार ने तय किया है कि राज्य के सरकारी व निजी सभी स्कूलों में कार्यरत अनट्रेंड शिक्षकों को ट्रेंड शिक्षक बनना अनिवार्य है. अनट्रेंड शिक्षकों को इसके लिए डीइएलइडी के अंतर्गत ऑनलाइन नामांकन कराना होगा. नामांकन के बाद उन्हें कहीं किसी स्कूल या कॉलेज नहीं जाना पड़ेगा,
बल्कि एक डीटीएच खरीदना होगा. फिर अपने घर में लगे टीवी को उस डीटीएच से कनेक्ट कर चैनल नंबर 32 चलाना होगा. इस चैनल पर डीइएलइडी द्वारा 24 घंटे शिक्षकों को ट्रेनिंग देने का कार्यक्रम प्रसारित किया जायेगा. ऑनलाइन नामांकन कराये अनट्रेंड शिक्षक उक्त चैनल पर प्रसारित ट्रेनिंग कार्यक्रम को देखेंगे और उसके आधार पर निर्धारित समय आने पर ऑनलाइन परीक्षा देंगे. इसी परीक्षा में पास होते हीं वे ट्रेंड शिक्षक बन जायेंगे.
दो साल का है कोर्स : डीइएलइडी के तहत ट्रेंड शिक्षक बनने के लिए दो साल का कोर्स है. अभ्यर्थी को वेबसाइट
dled.nios.ac.in/teacherlogin.aspx पर जाकर ऑनलाइन नामांकन कराना होगा. नामांकन की अंतिम तिथि 15 सितंबर निर्धारित है. कोर्स के प्रथम वर्ष का नामांकन शुल्क 45 सौ रुपये और दूसरे वर्ष का नामांकन शुल्क छह हजार रुपये है. पहले वर्ष में 15 सौ रुपये डीटीएच खरीदने के लिए छूट दी गयी है. सभी आवेदकों को डीटीएच खरीदना अनिवार्य है. नामांकन के लिए अभ्यर्थी के पास आधार कार्ड, फोटोयुक्त परिचय पत्र और एजुकेशनल प्रमाण पत्र का रहना जरूरी है.
इंटर पास होना अनिवार्य : ट्रेंड शिक्षक के लिए अभ्यर्थी को इंटर में पास होना अनिवार्य है. सरकार ने निर्देश दिया है कि ऑनलाइन आवेदक अगर सामान्य जाति के हैं, तो उन्हें इंटर में कम से कम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त होना चाहिए, जबकि एससी-एसटी, ओबीसी व दिव्यांग कोटि के अभ्यर्थी को 45 प्रतिशत अंक की जरूरत है. अगर किसी हालत में अभ्यर्थी के पास निर्धारित अंक प्राप्त नहीं है, तो उन्हें ट्रेनिंग के साथ-साथ ही एनआइओएस के माध्यम से दोबारा इंटर करना होगा, जिसमें अभ्यर्थी को महज चार विषयों की पढ़ाई करनी होगी.
आवेदन में सुधार की व्यवस्था नहीं : अभ्यर्थियों को काफी संभल कर ऑनलाइन नामांकन करना होगा. क्योंकि, ऑनलाइन आवेदन करने के बाद उसमें सुधार की कोई व्यवस्था नहीं है.
वहीं, ऑनलाइन आवेदन का सत्यापन संबंधित स्कूल के हेडमास्टर के द्वारा ऑनलाइन ही किया जायेगा. सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि बीएड शिक्षकों को भी छह माह का संवर्धन कोर्स करना अनिवार्य है. इस कोर्स का नामांकन ऑफलाइन माध्यम से होगा और इस कोर्स की फीस पांच हजार रुपये होगी.
अधिकारी का कहना है
डीइएलइडी के तहत ट्रेंड शिक्षक बनने के लिए ऑनलाइन नामांकन करना होगा. 31 मार्च, 2019 के बाद किसी भी सरकारी या निजी स्कूलों में अनट्रेंड शिक्षकों के द्वारा शिक्षण कार्य नहीं किया जायेगा. इसको लेकर सभी अनट्रेंड शिक्षकों को ट्रेंड होना अनिवार्य है.
राघवेंद्र मणि त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सर्व शिक्षा अभियान, गोपालगंज
