गोपालगंज : ठीक पांच वर्ष पहले संजू देवी गृहिणी हुआ करती थीं. इंटर पास संजू देवी के पति शुरू से ही सामाजिक कार्यकर्ता रहे हैं. वर्ष 2012 में पहली बार संजू देवी ने वार्ड पार्षद का चुनाव लड़ा.
पति की मेहनत और मतदाताओं के सहयोग से संजू देवी उस समय न सिर्फ पार्षद बनीं बल्कि उपाध्यक्ष और फिर अध्यक्ष का पद भी संभाला. पांच वर्ष के नगर की राजनीतिक अनुभव के बाद इस बार संजू देवी पुन: एक बार चुनावी मैदान में उतरीं, तो मतदाताओं ने उन्हें फिर से ताज पहनाया.
इस बार संजू देवी ने उपाध्यक्ष का चुनाव लड़ा और उसमें 18 मतों से विजयी रही. ठेकेदारी के अलावा संजू देवी के पति बबलू पांडेय जहां सामाजिक कार्य में लगे रहते हैं उनकी एक बेटी जहां मेडिकल की छात्रा है, वहीं दूसरी बेटी आठवीं में पढ़ती है. एकमात्र लड़का पांचवीं का छात्र है.
