हंगामा. अपहरण मामले में पुलिस की शिथिलता से आक्रोशित थीं महिलाएं
मामला बभनौली के संध्या अपहरणकांड का
थानाध्यक्ष ने आश्वासन देकर महिलाओं को कराया शांत
बरौली : बभनौली गांव की दर्जनों महिलाआें ने गुरुवार को थानाध्यक्ष का घेराव करते हुए आक्रोश प्रकट किया. आक्रोशित महिलाएं अपहरण के मामले में अपहर्ताओं को अविलंब पकड़ने तथा अपहृता को छुड़ाने की मांग कर रही थीं.
महिलाओं का आरोप था कि पुलिस अपहरणकर्ताओं से मिली हुई है. गौरतलब है कि विगत दो मई को नवादा पंचायत के बभनौली गांव की 14 वर्षीया संध्या कुमारी का अपहरण हो गया. इस मामले में श्रद्धानंद महतो ने रामराज मांझी के पुत्र कन्हैया मांझी, रामराज मांझी, अर्जुन मांझी, कृष्णा मांझी, बच्चा मांझी, लछनदेव मांझी आदि को अभियुक्त बनाते हुए द्वारा थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी.
महिलाओं का कहना था कि पूर्व के थानाध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद ने एक अभियुक्त को पकड़ा था, लेकिन आपसी समझौता करके उसे छोड़ दिया गया. पुलिस अभियुक्तों से मिली हुई है इसलिए कोई कार्रवाई नहीं कर रही है. इधर, अपहृता की मां का आरोप था की बीती रात पुलिस मेरे घर गयी और अपहरणकर्ताओं को न पकड़ते हुए उल्टे मुझसे ही गाली गलौज की गयी.
गुरुवार को थाने में पहुंची आक्रोशित महिलाओं को थानाध्यक्ष मो खलील ने शांत कराया और मामले की जानकारी ली तथा कार्रवाई का आश्वासन दिया. तब जाकर महिलाएं शांत हुईं. महिलाओं को शांत कराने में सरपंच विंदा उपाध्याय, मुखिया पुत्र झुन्ना श्रीवास्तव आदि लगे रहे. थानाध्यक्ष का घेराव करनेवाली महिलाओं में लीलावती देवी, पानपति देवी, सुनैना देवी, कलावती देवी, कमलावती देवी सहित दर्जनों महिलाएं शामिल थीं.
क्या कहते हैं थानाध्यक्ष
अपहरण का मामला दर्ज है. बच्ची के नहीं मिलने से लोगों में आक्रोश स्वाभाविक है. त्वरित गति से कार्रवाई कर न सिर्फ अपहृता को बरामद किया जायेगा, बल्कि अपहर्ता भी सलाखों के पीछे होंगे.
मो खलील, थानाध्यक्ष बरौली
उचकागांव : उचकागांव प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कुव्यवस्था एवं भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए गुरुवार को ग्रामीणों ने जम कर हंगामा किया. हंगामा की वजह से प्रखंड मुख्यालय पर अफरातफरी का माहौल बन गया.
सामुदायिक भवन में एकाएक सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे तथा प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के विरुद्ध नारेबाजी करने लगे. ग्रामीणों का आरोप था कि पैसा नहीं देने पर डिलेवरी के नॉर्मल केस को भी रेफर कर दिया जाता है. वहीं प्रसूता के परिजनों से अवैध वसूली की जाती है. साथ ही प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी कभी भी रात्रि के दौरान ड्यूटी पर या अस्पताल में नहीं रहते हैं. ग्रामीणों ने बीडीओ मारकंडेय राय व सीओ अशोक कुमार शर्मा को ज्ञापन देकर अस्पताल में तैनात सुनील सिंह, शोभा कुमारी के स्थानांतरण एवं एंबुलेंस सेवा बहाल करने, जन्म प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने जैसे कई महत्वपूर्ण मांगों के साथ ज्ञापन सौंपा. इधर, अस्पताल में हंगामे की खबर पर थाने की पुलिस पहुंची तथा लोगों को समझा बुझा कर शांत कराया.
निर्देश मिलते ही होगी कार्रवाई
ग्रामीणों द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में व्यापक भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है. वरीय पदाधिकारियों से दिशा निर्देश लेकर कार्रवाई की जायेगी.
सीओ, अशोक कुमार शर्मा, उचकागांव
