शराबबंदी पर गिरिराज सिंह की नीतीश कुमार को सलाह, बोले- अगर नीति सफल न हो तो पुनर्विचार करना जरूरी

छपरा में जहरीली शराब से हुई मौत पर केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय के सांसद गिरिराज सिंह ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार या तो अहंकारी हो गये हैं या फिर हताशा में आ गये हैं. उन्हें समझना चाहिए कि अगर नीतियां सफल नहीं हो रही हैं, तो किसी भी शासक को उसपर पुनर्विचार करने की जरूरत होती है.

पटना. छपरा में जहरीली शराब से हुई मौत पर केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय के सांसद गिरिराज सिंह ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार या तो अहंकारी हो गये हैं या फिर हताशा में आ गये हैं. उन्हें समझना चाहिए कि अगर नीतियां सफल नहीं हो रही हैं, तो किसी भी शासक को उसपर पुनर्विचार करने की जरूरत होती है. बिहार में हर जगह शराब बन रही है और खुलेआम बिक रही है. गिरिराज सिंह ने कहा कि शासन इकबाल से चलता है, लेकिन बिहार में नीतीश कुमार का इकबाल खत्म हो चुका है. बिहार में शराब वह भगवान की तरह है, जो है तो हर जगह, लेकिन नीतीश कुमार को दिखायी नहीं दे रही है.

बड़ा खामियाजा भुगतना होगा

दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि बिहार में ध्वस्त हो चुके कानून व्यवस्था के कारण ही छपरा की घटना हुई है. मुख्यमंत्री कहते हैं कि जो पिएगा वह मरेगा, तब तो बिहार में पुलिसिंग की कोई जरुरत ही नहीं है. मुख्यमंत्री बिहार के सभी थानों को बंद कर दें. गिरिराज सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की बातों पर अब लोगों में गुस्सा आने लगा है. नीतीश कुमार अगर पीड़ित परिवारों को मुआवजा नहीं देते हैं और शराब नीति पर फिर से विचार नहीं करते हैं तो इसका बड़ा खामियाजा उन्हें भुगतना होगा.

सरकार नहीं देगी मुआवजा 

विपक्ष लगातार बिहार में शराबबंदी को विफल बताते हुए उसे वापस लेने या पुनर्विचार करने की बात कह रही है. इधर, मद्य निषेध विभाग के मंत्री ने साफ कह दिया है कि इन मौतों को मुआवजा मिलने का कोई प्रावधान नहीं है. मतलब साफ है कि बिहार सरकार किसी भी हाल में मृतकों के परिजनों को मुआवजा नहीं देगी. विपक्ष इस बात पर अड़े हैं और लगातार ही हंगामा कर रहे हैं. सोमवार को भी इसी मुद्दे पर सदन में हंगामा हुआ जिसके बाद सदन को दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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