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बिहार के इस जिले में हैं 206 उच्च माध्यमिक विद्यालय, लेकिन फिजिक्स के शिक्षक हैं मात्र तीन

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
सरकारी स्कूल
सरकारी स्कूल

संझौली . चौंकिए मत, यह सच है कि पूरे जिले के उच्च माध्यमिक विद्यालयों में फिजिक्स विषय पढ़ाने के लिए मात्र तीन शिक्षक हैं. एक तरफ सरकार शत प्रतिशत बच्चों को शिक्षा देने की गारंटी देती है.

विद्यालयों में शिक्षकों की बहाली धड़ल्ले से की जाती है. ताकि किसी भी छात्र व छात्राओं को पठन-पाठन में किसी तरह की परेशानी न हो, लेकिन धरातल पर सब खोखला साबित हो रहा है.

शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, विद्यालय व विषयवार शिक्षकों नजर डालें, तो आंकड़े चौंकाने वाले हैं कानों पर विश्वास नहीं होता है. सरकारी तंत्र कहते हैं बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में काफी सुधार हुआ है.

लेकिन आंकड़े कुछ और ही कहते हैं. शिक्षा विभाग के अनुसार जिले में 206 विद्यालय हैं, जिसमें बिक्रमगंज अनुमंडल में उच्च माध्यमिक विद्यालय की संख्या 76 है.

फिजिक्स विषय पढ़ाने के लिए अनुमंडल क्षेत्र के सभी विद्यालयों के आंकड़े बताते हैं कि मात्र एक शिक्षक है. वह भी प्रोजेक्ट बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय संझौली में एक फिजिक्स विषय के शिक्षक कमलेश पांडेय.

फिजिक्स के शिक्षकों व विद्यालयों के आंकड़े

बिक्रमगंज अनुमंडल - प्रोजेक्ट बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय संझौली,

विषय शिक्षक की संख्या शिक्षक का नाम

फिजिक्स 01 (एक) कमलेश पांडेय

सासाराम अनुमंडल - श्री शंकर उच्च माध्यमिक विद्यालय तकिया (सासाराम)

विषय शिक्षक की संख्या शिक्षा का नाम

फिजिक्स 01 (एक) अनुज कुमार

डेहरी अनुमंडल - प्रेम नगर उच्च माध्यमिक अकोढ़ीगोला

विषय शिक्षक की संख्या शिक्षक का नाम

फिजिक्स 01 (एक) निरंजन कुमार

यह आंकड़ा यह बताने के लिए काफी है कि जिले के तीन अनुमंडल में एक-एक फिजिक्स के शिक्षक हैं, जो फिजिक्स विषय के बच्चों को शिक्षा देने का काम करते हैं. ऐसे में कैसे उम्मीद की जा सकती है कि एक अनुमंडल में एक शिक्षक अनुमंडल क्षेत्र के सभी विद्यालयों में नामांकित सभी बच्चों को फिजिक्स विषय की शिक्षा दे पायेंगे.

इस प्रकार हैं आंकड़े

सासाराम अनुमंडल के श्री शंकर उच्च माध्यमिक विद्यालय तकिया (सासाराम) में एक फिजिक्स शिक्षक अनुज कुमार है, जबकि डेहरी अनुमंडल क्षेत्र के प्रेम नगर उच्च माध्यमिक विद्यालय अकोढ़ीगोला में एक शिक्षक निरंजन कुमार है.

इस स्थिति में या अभिभावक व छात्र कैसे विश्वास करें कि शिक्षा के स्तर सुधरी है. सरकार शिक्षा के प्रति सजग है. अभिभावक कैसे विश्वास कर ले कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की अलख जगायी जा रही है.

अभिभावकों की मानें तो यही कारण है कि अभिभावक अपनी कमाई की मोटी रकम देकर पठन-पाठन के लिए अपने बच्चे-बच्चियों को फिजिक्स समेत अन्य विषयों की पढ़ाई करने के लिए कोचिंग सेंटर में भेजते हैं या घरों पर निजी शिक्षकों को बुला कर अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए विवश हैं.

प्रोजेक्ट बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय संझौली के फिजिक्स के शिक्षक कमलेश पांडेय ने बताया कि पूरे जिले में फिजिक्स विषय के मात्र तीन शिक्षक हैं.

एक प्रोजेक्ट बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय संझौली में, दूसरा श्री शंकर उच्च माध्यमिक विद्यालय तकिया (सासाराम) में एवं तीसरा प्रेम नगर उच्च माध्यमिक विद्यालय अकोढ़ीगोला में.

फिजिक्स शिक्षकों की कमी कारण हम शिक्षकों को फिजिक्स प्रैक्टिकल कराने के लिए कई विद्यालय में आना-जाना पड़ता है. इससे हम लोगों की परेशानी के साथ बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है. सरकार को फिजिक्स शिक्षकों की बहाली बिना देर किए करनी चाहिए.

बोले अधिकारी

डीइओ के प्रभार में रहे डीपीओ लिखा योजना सत्यदेव सिंह ने बताया कि जिले में फिजिक्स विषय के शिक्षकों की कमी को दूर करना शिक्षा विभाग की प्राथमिकता है. इस पर जिला शिक्षा पदाधिकारी निश्चित रूप से अमल करेंगे.

Posted by Ashish Jha

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