Gaya Ji operation nanhe farishte: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने शनिवार को ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत एक 17 वर्षीय नाबालिग को सुरक्षित रेस्क्यू कर रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क के सुपुर्द किया. समय रहते की गई कार्रवाई से नाबालिग को संभावित खतरे से बचाया जा सका.
सूचना के आधार पर ट्रेन में की गई जांच
आरपीएफ के उपनिरीक्षक विकास कुमार, सहायक उपनिरीक्षक खुर्शीद खान और सहायक उपनिरीक्षक रणधीर कुमार सवारी ट्रेनों की सुरक्षा जांच एवं निगरानी ड्यूटी पर थे. इसी दौरान एससीएनएल/डीडीयू से प्राप्त सूचना के आधार पर गाड़ी संख्या 03639 अप की जांच की गई.
अकेले यात्रा कर रहा था 17 वर्षीय किशोर
जांच के दौरान एक 17 वर्षीय नाबालिग संदिग्ध अवस्था में अकेले यात्रा करता मिला. पूछताछ में उसने बताया कि वह बिना किसी को बताए अपने घर से दिल्ली जा रहा था. उसके पास एक काले रंग का बैग था, जिसमें उसके कपड़े रखे हुए थे.
अनहोनी की आशंका को देखते हुए लिया संरक्षण में
आरपीएफ टीम ने बच्चे को भरोसा दिलाते हुए सुरक्षित संरक्षण में लिया और उसे आरपीएफ पोस्ट गया लाया. अधिकारियों के अनुसार, अकेले सफर के दौरान उसके मानव तस्करी या अन्य आपराधिक गतिविधियों का शिकार होने की आशंका थी. आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे बेहतर देखभाल और परिजनों तक सुरक्षित पहुंचाने के उद्देश्य से रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क, गया के सुपुर्द कर दिया गया.
लगातार चलाया जा रहा है ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते
आरपीएफ इंस्पेक्टर बनारसी यादव ने बताया कि ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत रेल यात्रा के दौरान अकेले या लावारिस मिले बच्चों को सुरक्षित बचाकर उनके परिजनों से मिलाने तथा उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है.
