Mahabodhi Temple Security : विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर परिसर की सुरक्षा को और चौकस कर दिया गया है. मंदिर परिसर में प्रवेश करने वाले सभी मुख्य स्थलों पर सुरक्षाकर्मियों को पूरी तरह अलर्ट रहने का निर्देश जारी किया गया है. इसके साथ ही परिसर में लगे 25 से अधिक उच्च क्षमता वाले सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से हर वक्त पैनी निगरानी रखी जा रही है. आगामी सात जुलाई को ध्यान में रखते हुए मंदिर की सुरक्षा में तैनात बीएमपी के जवानों को हर वक्त विशेष रूप से मुस्तैद रहने को कहा गया है.
पुराना आतंकी हमला और बदलाव
उल्लेखनीय है कि सात जुलाई 2013 को आतंकी संगठनों ने महाबोधि मंदिर परिसर में बोधिवृक्ष के नीचे वज्रासन के पास व अन्य चार अलग-अलग जगहों पर सीरियल बम ब्लास्ट कर मंदिर की शांति को भंग करने का कुत्सित प्रयास किया था. इसके साथ ही बोधगया स्थित 80 फुट बुद्ध मूर्ति, तेरगर मोनास्टरी व एक पर्यटक बस को भी निशाना बनाते हुए सिलिंडर बमों से धमाके किए गए थे.
सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव
हालांकि, इस घटना में महाबोधि मंदिर परिसर में मात्र दो श्रद्धालु ही मामूली रूप से जख्मी हुए थे. इस बड़ी घटना के बाद सरकार ने सुरक्षा की गहन समीक्षा की और पुरानी व्यवस्था को बदलते हुए अब यहां बीएमपी व जिला पुलिस के लगभग 300 हथियारबंद सुरक्षाकर्मियों को स्थायी रूप से तैनात कर दिया है.
त्रिस्तरीय जांच के बाद प्रवेश
महाबोधि मंदिर परिसर में प्रवेश करने के लिए सभी देश-विदेश के श्रद्धालुओं को त्रिस्तरीय सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ता है. इसके तहत सबसे पहले बीटीएमसी कार्यालय के पास सुरक्षा जांच की जाती है, जहां डीएफएमडी, लगेज स्कैनर और हैंड मेटल डिटेक्टर का उपयोग किया जाता है.
खराब लगेज स्कैनर बढ़ा रहा परेशानी
इसके बाद मंदिर परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार पर भी डीएफएमडी व लगेज स्कैनर के साथ मैन्यूली (शारीरिक रूप से) जांच की जाती है. हालांकि, पिछले कुछ महीनों से पहले जांच प्वाइंट पर लगा एक लगेज स्कैनर खराब पड़ा हुआ है, जिससे फिलहाल एक ही स्कैनर से काम चलाया जा रहा है.
स्कैनर दुरुस्त करना बेहद जरूरी
आने वाले कुछ ही दिनों में बाबा धाम जाने वाले कांवरियों का आना-जाना शुरू होने वाला है और उसके ठीक बाद पितृपक्ष मेले में आने वाले देश-विदेश के पिंडदानियों के कारण महाबोधि मंदिर में भारी भीड़ बढ़ेगी. ऐसे में जांच प्रक्रिया को तेज और सुगम बनाने के लिए खराब पड़े लगेज स्कैनर को दुरुस्त करना सुरक्षा के लिहाज से बेहद आवश्यक समझा जा रहा है.
बहरहाल, विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों से मिले इनपुट और अलर्ट के बाद मंदिर की पूरी सुरक्षा-व्यवस्था को पहले से कहीं ज्यादा सतर्क और मजबूत कर दिया गया है.
बम की अफवाह से हड़कंप
महाबोधि मंदिर की इसी चाक-चौबंद सुरक्षा-व्यवस्था के बीच पिछले दिनों किसी अज्ञात व्यक्ति ने पुलिस के आला अधिकारी को मंदिर परिसर के अंदर बम होने की झूठी सूचना दे दी. इस खबर के बाद मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मियों के बीच कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया. इसके तुरंत बाद बम निरोधक दस्ते ने डॉग स्क्वाड की मदद से पूरे मंदिर परिसर के चप्पे-चप्पे की गहन जांच की.
जल्द होगी विशेष मॉक ड्रिल
जांच के बाद यह खबर पूरी तरह झूठी निकली, लेकिन वरीय अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा प्रभारी को हर वक्त अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है. सूत्रों के अनुसार, जल्द ही मंदिर परिसर में एटीएस, एसटीएफ और बीएमपी के जवानों के साथ एक विशेष मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया जाएगा.
सुरक्षा प्रभारी का मुख्य बयान
महाबोधि मंदिर के सुरक्षा प्रभारी इंस्पेक्टर इंद्रजीत कुमार ने बताया कि मंदिर के आंतरिक और बाहरी दोनों परिसरों पर सुरक्षा बलों द्वारा हर वक्त कड़ी नजर रखी जा रही है. मंदिर के भीतर प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की गहनता से जांच की जा रही है.
पुलिस मुख्यालय को दी सूचना
उन्होंने बंद पड़े लगेज स्कैनर के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस समस्या को लेकर पुलिस मुख्यालय को पहले ही लिखित रूप से सूचित किया जा चुका है और उम्मीद है कि जल्द ही उसे दोबारा चालू करा दिया जाएगा. फिलहाल सुरक्षा में तैनात सभी जवानों को पूरी तरह हाई अलर्ट पर रखा गया है.
