शेरघाटी से नवीन कुमार मिश्रा की रिपोर्ट
Gaya Ji News : गया जिले के शेरघाटी प्रखंड अंतर्गत हरना गांव से एक बड़ी लापरवाही की खबर सामने आई है. यहाँ गुरुवार को एक किशोर बिजली के पोल में उतरे करंट की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गया. घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई. हालांकि, समय रहते स्थानीय लोगों की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया और किशोर की जान बच गई.
मवेशी चराने के दौरान पोल के संपर्क में आया किशोर
मिली जानकारी के अनुसार, घायल किशोर की पहचान हरना गांव निवासी सनोज कुमार के रूप में हुई है. घटना उस समय हुई जब वह रोज की तरह गांव के पास ही मैदान में जानवर चराने गया था. मवेशी चराने के दौरान वह अचानक बिजली के एक पोल के संपर्क में आ गया. उस पोल में किसी तकनीकी खराबी या जर्जर तार की वजह से करंट प्रवाहित हो रहा था. करंट लगते ही किशोर तड़पने लगा और जोर-जोर से चिल्लाने लगा.
ग्रामीणों ने दिखाई बहादुरी, अस्पताल में चल रहा है इलाज
किशोर की दर्दभरी आवाज सुनकर आसपास के खेतों में मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े. ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए अपनी तत्परता दिखाई और सूझबूझ से काम लेते हुए किसी तरह किशोर को विद्युत प्रवाहित पोल से अलग किया. इसके बाद घटना की जानकारी तुरंत परिजनों को दी गई. परिजन आनन-फानन में घायल सनोज को इलाज के लिए शेरघाटी अनुमंडलीय अस्पताल ले गए, जहां उसे भर्ती कर डॉक्टरों की देखरेख में उपचार शुरू किया गया. डॉक्टरों के अनुसार, किशोर की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है.
समय पर मदद मिलने से टला बड़ा हादसा
अस्पताल में मौजूद घायल किशोर की मां संजोगा देवी ने बताया कि उनका बेटा जानवर चराने के लिए बाहर गया था. इसी बीच वह गलती से बिजली के पोल के करीब चला गया, जिसमें करंट उतर आया था. उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अगर समय रहते ग्रामीणों की मदद नहीं मिलती तो कुछ भी अनहोनी हो सकती थी, ग्रामीणों की सतर्कता से आज उनके बेटे की जान बची है.
बिजली विभाग के खिलाफ ग्रामीणों में भारी आक्रोश
इस हादसे के बाद से हरना गांव के ग्रामीणों में बिजली विभाग के खिलाफ गहरा आक्रोश देखा जा रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग के अधिकारी जांच के नाम पर ग्रामीणों को खूब परेशान करते हैं, लेकिन जब जर्जर तारों और करंट प्रवाहित पोलों को दुरुस्त करने की बात आती है, तो कोई सुध लेने नहीं पहुंचता है. ग्रामीणों ने बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे इलाके की बिजली व्यवस्था की जांच करने और खतरनाक जर्जर पोल-तारों को तुरंत ठीक करने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं हो.
