डीएम शशांक शुभंकर के निर्देश पर गुरुवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय में शिक्षा विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई.
बैठक की अध्यक्षता जिला शिक्षा पदाधिकारी कृष्ण मुरारी गुप्ता ने की. बैठक में स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सरकार की विभिन्न योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, मॉडल स्कूलों के सफल संचालन तथा शिक्षा विभाग की अन्य प्राथमिकताओं की विस्तार से समीक्षा की गई.
नवप्रभारी बीईओ को विभागीय कार्यों से कराया गया अवगत
बैठक की शुरुआत नवप्रभार ग्रहण करने वाले प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को शिक्षा विभाग के कार्यों से अवगत कराने के साथ हुई. उन्हें स्थापना संबंधी मामलों, एरियर, शिक्षक रेशनलाइजेशन, ई-शिक्षाकोष और यू-डायस (U-DISE) पोर्टल सहित विभिन्न विभागीय कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई.
उल्लेखनीय है कि सरकार के निर्देशानुसार जिले के 21 प्रखंडों में बीईओ के रिक्त पदों का अतिरिक्त प्रभार (वित्तीय अधिकारों सहित) प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को सौंपा गया है. डीईओ ने सभी प्रभारी बीईओ को नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण करने, प्रत्येक माह अनिवार्य रूप से 'गुरु गोष्ठी' आयोजित कराने तथा विद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों की सतत निगरानी करने का सख्त निर्देश दिया.
25 जुलाई को होगी अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी
बैठक में आगामी 25 जुलाई को समावेशी शिक्षा विषय पर जिले के सभी विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी (Parent-Teacher Meeting) आयोजित करने का निर्देश दिया गया. साथ ही, कार्यक्रम की तस्वीरें निर्धारित पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने को कहा गया.
इसके अलावा अपार आईडी (APAAR ID) निर्माण अभियान में तेजी लाने तथा जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा के लिए अधिक से अधिक योग्य विद्यार्थियों का ऑनलाइन आवेदन सुनिश्चित कराने पर विशेष जोर दिया गया.
बैठक में सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ), एडीपीसी जीवन कुमार सहित सभी प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी उपस्थित रहे.
