अनदेखी. 22 एलइडी लाइटें बंद, निगम बेफिक्र
गया : शहर के व्यस्ततम व महत्वपूर्ण क्षेत्रों में एक सिकरिया मोड़ पर दिन ढलते ही अंधेरा पसर जाता है.
अंधेरा पसरे रहने से दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है व साथ ही इसका फायदा उठा कर चोर-उचक्के भी अपना हाथ साफ करने की फिराक में लगे रहते हैं.
शनिवार की रात 8.30 बजे गांधी मैदान से जेल प्रेस रोड तक अंधेरा दिखा. गांधी मैदान से जेल प्रेस रोड तक 22 एलइडी लाइट्स बंद रहे. वहीं, सिकरिया मोड़ से मेडिकल कॉलेज रोड में एक भी लाइट नहीं लगी है. स्थानीय लोगों ने कहा कि इस रोड की दुकानों में अगर लाइटें नहीं जलायी गयीं, तो सड़क पर घुप अंधेरा पसर जायेगा.
उल्लेखनीय है कि निगम ने शहर को रोशन करने के लिए 12 करोड़ रुपये खर्च किया है. नगर निगम के अनुसार शहर में विभिन्न जगहों पर 7846 लाइटें लगायी गयी हैं. इसके बाद भी शहर के मुख्य मार्ग पर रोशनी की व्यवस्था नहीं है. जेल प्रेस के निकट रहनेवाले नीरज कुमार ने बताया कि नगर निगम द्वारा लाइटें, तो लगा दी जाती हैं, लेकिन उनकी देखरेख कोई नहीं करता है. लाइटें खराब हो जाये, तो उसे बदलने की जहमत निगम के कर्मचारी नहीं उठाते.
बताया जा रहा है कि पितृपक्ष के मौके पर ही इस रोड में लाइटें लगायी गयी थीं. सरकारी बस स्टैंड के पास विकास कुमार ने बताया कि रात में अंधेरा रहने के कारण सबसे अधिक परेशानी इस रोड में साइकिल सवार व पैदल चलनेवालों के साथ होती है. बताया जा रहा है कि जेल गेट , रामपुर थाना, गया कॉलेज मोड़, एसएसपी कोठी के निकट व गेवाल बिगहा मुसलिम होटल के पास की लाइटें बंद हैं. सूत्रों ने कहा कि मुख्य मार्ग पर लगी लाइट के खराब होने की शिकायत निगम पार्षद भी नहीं करते हैं.
