शिशु मृत्यु दर को कम करने पर बल

गया. बाेधगया स्थित हाेटल महाबाेधि में शनिवार काे दिन के 11 बजे से विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में बीमार नवजात बच्चियाें काे अधिक से अधिक संख्या में भरती कराने के लिए एक मीडिया उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयाेजन किया जा रहा है. इसकी अध्यक्षता प्रमंडलीय आयुक्त लियान कुंगा करेंगे. कार्यशाला में मगध प्रमंडल के […]

गया. बाेधगया स्थित हाेटल महाबाेधि में शनिवार काे दिन के 11 बजे से विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में बीमार नवजात बच्चियाें काे अधिक से अधिक संख्या में भरती कराने के लिए एक मीडिया उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयाेजन किया जा रहा है. इसकी अध्यक्षता प्रमंडलीय आयुक्त लियान कुंगा करेंगे.

कार्यशाला में मगध प्रमंडल के सभी पांच जिलाें के डीएम, प्रमंडल के अपर स्वास्थ्य निदेशक, उप निदेशक जनसंपर्क, सभी सिविल सर्जन, एसएनसीयू के नाेडल पदाधिकारी, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक, प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि भाग लेंगे. यह कार्यशाला यूनिसेफ के सहयाेग से की जा रही है.

कार्यशाला में यूनिसेफ के सीएफआे आेसैदुर रहमान व स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ एसए अली भाग लेंगे. बिहार में शिशु मृत्यु दर की संख्या प्रति एक हजार जीवित जन्म पर 42 है. इसमें पुरुष का दर 36 है, तो महिलाओं का दर 50 है. यह पिछले तीन साल से 42 पर ही स्थिर है. अभी राज्य में विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई की संख्या 34 है व शिशु मृत्यु दर में कमी हाेने में एसएनसीयू बड़ी सहायक साबित हुई है. तत्काल में एसएनसीयू में मात्र 36 प्रतिशत ही फिमेल न्यू बाेर्न का एडमिशन हाे रहा है, जबकि मेल न्यू बाेर्न का एडमिशन 64 प्रतिशत हाे रहा है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >