एमयू से रिटायर्ड हुए दो शिक्षकों को दी विदाई
बोधगया: मगध विश्वविद्यालय (एमयू) के वाणिज्य विभाग के शिक्षक प्रोफेसर डॉ बीके डे व प्राणी विज्ञान के शिक्षक प्रोफेसर डॉ बीके सिंह को मंगलवार को सेवानिवृत्ति पर उनके विभागों में समारोह आयोजित कर विदाई दी गयी. इस अवसर पर संबंधित विभागों के शिक्षकों, कर्मचारियों व स्टूडेंट्स ने शामिल होकर दोनों शिक्षकों को विदाई दी. वाणिज्य […]
बोधगया: मगध विश्वविद्यालय (एमयू) के वाणिज्य विभाग के शिक्षक प्रोफेसर डॉ बीके डे व प्राणी विज्ञान के शिक्षक प्रोफेसर डॉ बीके सिंह को मंगलवार को सेवानिवृत्ति पर उनके विभागों में समारोह आयोजित कर विदाई दी गयी. इस अवसर पर संबंधित विभागों के शिक्षकों, कर्मचारियों व स्टूडेंट्स ने शामिल होकर दोनों शिक्षकों को विदाई दी.
वाणिज्य विभाग में आयोजित समारोह में विभागाध्यक्ष प्रोफेसर चितरंजन ओझा, प्रोफेसर देवेंद्र प्रसाद, प्रो एसएस गुप्ता, पूर्व विभागाध्यक्ष विनय कुमार सिंह, डॉ शहीद रिजवी, जीबीएम कॉलेज के प्राचार्य सत्येंद्र प्रजापति, डॉ ब्रजभूषण प्रसाद शर्मा, डॉ अनिल कुमार, डॉ कल्पना पाल, प्रो भुवनेश्वर प्रसाद व डॉ अनवर खुर्शीद ने प्रो डे के साथ व्यतीत समय व अनुभवों को साझा किया व प्रो डे की सुखद जीवन की कामना की. शिक्षकों ने कहा कि प्रो बीके डे स्टूडेंट्स के प्रति समर्पित शिक्षक थे व किसी भी स्थिति में विभाग व स्टूडेंट्स के लिए हर वक्त तत्पर रहा करते थे.
विभाग की ओर से उन्हें औपचारिकताएं पूरी कर विदाई दी गयी. इस अवसर पर प्रो कृष्णदेव प्रसाद वर्मा, डॉ विनोद कुमार, शोधार्थी मुकेश कुमार,अन्य स्टूडेंट्स व प्रो डे के परिजन मौजूद थे.
उधर, प्राणी विज्ञान विभाग में भी प्रो बीके सिंह के लिए विदाई समारोह आयोजित की गयी. इसमें विभागाध्यक्ष प्रो सुनील कुमार सिंह ने समारोह की अध्यक्षता की. विदाई समारोह में विभाग के छात्र-छात्राओं के साथ ही शिक्षक व कर्मचारी शामिल हुए. शिक्षकों ने प्रो सिंह के स्टूडेंट्स व विभाग के प्रति समर्पण का जिक्र किया व मंच का संचालन करते हुए शिक्षक डॉ एसएनपी यादव दीन ने कहा कि प्रो बीके सिंह अपने आप में एक संस्थान थे, आज इनका यहां से सेवानिवृत्त होने से स्टूडेंट्स के साथ ही शिक्षकों को भी कमी खलेगी. इस मौके पर प्रो सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए ठहराव की चेष्टा नहीं करे. ठहरने का मतलब कई समस्याओं से ग्रसित होना व चलते रहने का मतलब होता है साथ रहे गंदगी को दूर करते जाना व सफलता की ओर अग्रसर होते रहना.
प्रो सिंह ने कहा कि उनका परामर्श छात्र-छात्राओं को मिलते रहेगा . समारोह में राशिद अहमद ने गुलाम अली के गजल पेश कर माहौल को खुशनुमा बना दिया. शिक्षकों ने माला पहना कर व बुके भेंट कर प्रो सिंह की लंबी उम्र की कामना की. छात्र-छात्राओं ने भी प्रो सिंह को गिफ्ट भेंट कर चरण स्पर्श किये. समारोह में सेवानिवृत्त शिक्षक प्रो अंजनी कुमार त्रिपाठी, डॉ डीके यादव, प्रो अरुण कुमार सिंह, प्रो रेवतीकांत, डॉ एन के चंद, डॉ अरविंद कुमार शर्मा, डॉ खालिद व अन्य शामिल हुए.