गया: एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) की जलापूर्ति योजना को जल्द शुरू करने के लिए ब्यूडीप एजेंसी के योजना निदेशक ने पहल शुरू कर दी है. योजना से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए निदेशक विजय शर्मा ने सोमवार को डीएम से मुलाकात कर जमीन संबंधी समस्याओं पर चर्चा की. डीएम ने निदेशक को आश्वासन दिया है कि किसी भी बाधा को बातचीत के माध्यम से दूर कर लिया जायेगा.
शर्मा ने कहा कि कंडी के पास वाटर प्रोजेक्ट बनाया जाना है. भूमि सुधार समाहर्ता का कहना है कि वह जमीन फल्गु नदी की है. इस महत्वाकांक्षी जल परियोजना के लिए 30 जनवरी टेंडर जारी किया जाना है. उन्होंने कहा कि यह वाटर प्रोजेक्ट फल्गु को बचाने के लिए व लोगों को बेहतर सुविधा देने के लिए शुरू किया जा रहा है.
फेज वन में होंगे ये काम: जानकारी के अनुसार फेज वन यानी पहले चरण में 446 किलोमीटर लंबी नयी पाइपलाइन बिछायी जानी है. इसके साथ ही 29 ट्यूबवेल का जीर्णोद्धार व नौ नये जलाशयों के निर्माण के साथ आठ पुराने जलाशयों के जीर्णोद्धार का काम किया जायेगा. यह काम दिसंबर 2019 तक पूरा कर लिया जायेगा.
फेज टू में होंगे ये काम: फेज टू या दूसरे चरण में 24 नये नलकूप बनाये जायेंगे. 16 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछायी जायेगी व दो नये जलाशयों का निर्माण किया जायेगा. दूसरे चरण का काम जून 2018 तक पूरा कर लिया जायेगा.
पेयजल की क्या है स्थिति
नगर निगम क्षेत्र के कई इलाकों में लोगों को हमेशा पेयजल की समस्या से जूझना पड़ता है. गरमी के दिनों में तो कई इलाकों पेयजल की समस्या इतनी बढ़ जाती है कि लोग मकान छोड़ कर दूसरे मुहल्लों में चले जाते हैं. नगर निगम व पीएचइडी विभाग पेयजल समस्या के समाधान के लिए हर साल करोड़ों रुपये खर्च करती है. एडीबी की इस योजना को पूरा होने के बाद शहरी इलाकों में 24 घंटे पेयजल की सप्लाई की जा सकेगी. बताया जाता है कि ड्राइ जाने में वाटर सप्लाइ के लिए किर्लोस्कर कंपनी के माध्यम से पीएचइडी ने पाइपलाइन का विस्तार व वाटर टैंक का निर्माण कराया था, लेकिन कंपनी ने इस काम को छोटे ठेकेदारों को दे दिया था, जिस कारण काम ढंग से नहीं हो पाया था और उक्त कंपनी को काली सूची में डाल दिया गया था.
