डॉ अग्रवाल यहां सप्लाई एंड लॉजिस्टिक चेन मैनेजमेंट की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को बताया कि किस तरह मुंबई में सुबह छह बजे से शाम के छह बजे तक डब्बावाले नियत समय पर व किसी भी परिस्थिति में ग्राहकों तक टिफिन पहुंचा रहे हैं. उन्होंने बताया कि किसी भी कार्य को सफल बनाने के लिए उसके प्रति लगन व मेहनत में किसी तरह की कंजूसी नहीं करनी चाहिए, परिणाम सुखद मिलेगा. करीब डेढ़ घंटे के व्याख्यान में डॉ पवन अग्रवाल ने बताया कि किस तरह उन्होंने दफ्तरों में टिफिन सप्लाइ करने का काम शुरू किया व सही गुणवत्ता, समय की पाबंदी व बेहतर सर्विस के बल पर आज एक ब्रांड का रूप ले चुका है. लोग मुंबई के डब्बावालों की चर्चा करते हैं.
आज यह सप्लाइ के क्षेत्र में बड़े नेटवर्क के रूप में जाना जाता है. उन्होंने इस दौरान कई उदाहरण व तरकीब भी स्टूडेंट्स को बताये. मोटिवेशन लेक्चर में आइआइएम के दोनों बैचों के करीब 80 स्टूडेंट्स शामिल हुए. इस अवसर पर आइआइएम, बोधगया के असिस्टेंट मैनेजर आलोक जॉन भी मौजूद थे. कार्यक्रम का संचालन देवांग गोगोई व उनके साथियों ने किया. विद्यार्थियों को स्लाइड के माध्यम से भी कई बातों की जानकारी दी गयी.
