अभ्यर्थियों ने कई तरह के गंभीर आरोप लगाये हैं. इस मामले को लेकर लोगों ने डीएम कार्यालय में अपनी लिखित शिकायत दर्ज करायी है. गौरतलब है कि मगध मेडिकल काॅलेज मेें चतुर्थवर्गीय कर्मचारी के 62 पदों के लिए बहाली हुई है. कुछ अभ्यर्थियों का आरोप लगाया है कि इस बहाली में बडे पैमाने पर गड़बड़ी हुई है. मेरिट लिस्ट बदलने के साथ साथ अभ्यर्थियों से रिश्वत तक मांगे गये हैं. गुरुआ के महेश कुमार, अरवल के राम अजय कुमार समेत अन्य कई ने इस मामले में शिकायत की है.
गड़बड़ी: शिकायत मिलने के बाद डीएम कुमार रवि ने दिया निर्देश, मेडिकल में बहाली की होगी जांच
गया : मगध मेडिकल काॅलेज व अस्पताल में चतुर्थवर्गीय कर्मचारी के पदों में हुई बहाली मामले में डीएम कुमार रवि ने जांच के आदेश दे दिये हैं. डीएम कुमार रवि ने कहा कि इस मामले में 21 जनवरी के बाद ही एक कमेटी तैयार कर जांच शुरू करा दी जायेगी. इसमें जो भी दोषी मिलेंगे […]

गया : मगध मेडिकल काॅलेज व अस्पताल में चतुर्थवर्गीय कर्मचारी के पदों में हुई बहाली मामले में डीएम कुमार रवि ने जांच के आदेश दे दिये हैं. डीएम कुमार रवि ने कहा कि इस मामले में 21 जनवरी के बाद ही एक कमेटी तैयार कर जांच शुरू करा दी जायेगी. इसमें जो भी दोषी मिलेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी. बहाली मामले में कई शिकायतें आ रही हैं.
62 पदों के लिए थी बहाली : मेडिकल काॅलेज में चतुर्थवर्गीय कर्मचारी के 62 पदों के लिए बहाली प्रकिया शुरू की गयी थी. इसमें लगभग 11 हजार से अधिक लोगो ने आवेदन दिया. परिणाम आने के बाद कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि बहाली में धांधली हुई है. गौरतलब है कि इस पद के लिए यह दूसरी बार बहाली प्रक्रिया है. इससे पहले जब इन 62 पदों के लिए बहाली प्रक्रिया पूरी कर ली गयी थी,तो मगध प्रमंडल आयुक्त ने इसे रद्द कर दिया था. उस वक्त कुछ अभ्यर्थियों ने आयुक्त के पास यह शिकायत दर्ज करायी थी, बिहार सरकार के आदेश के मुताबिक चतुर्थवर्गीय किसी भी पद की बहाली के लिए हर हाल में न्यूनतम योग्यता मैट्रिक होनी चाहिए. लेकिन मेडिकल काॅलेज में 62 मे से कई पदों पर नन मैट्रिक श्रेणी में बहाली ली गयी. अभ्यर्थियों ने इसे गलत बताते हुए आयुक्त के पास शिकायत की थी. इसके बाद ही बहाली को रद्द कर दिया गया.