गया: कर्मचारी चयन आयोग द्वारा ली जानेवाली प्रथम इंटरस्तरीय संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी को लेकर शुक्रवार को रेडक्रॉस भवन में केंद्राधीक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया. पटना से आये कर्मचारी चयन आयोग के अपर सचिव योगेंद्र राम ने केंद्राधीक्षकों को निर्देश देते हुए कहा कि कर्मचारी चयन आयोग वर्षों से परीक्षा लेते आ रहा है. लेकिन, प्रथम इंटरस्तरीय संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा एक ऐसी परीक्षा है, जिसमें करीब 18 लाख स्टूडेंट्स शामिल हो रहे हैं.
अबतक कर्मचारी चयन आयाेग एक साथ इतने विद्यार्थियों की परीक्षा नहीं ली है. यह परीक्षा कई मायने में काफी महत्वपूर्ण है. इस कारण इस परीक्षा को सफल बनाने में आप सभी महती भूमिका है. किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हो, इसके लिए कर्मचारी चयन आयोग द्वारा केंद्राधीक्षकों के लिए कई महत्वपूर्ण गाइडलाइन तैयार किया है.
गंभीरता से गाइडलाइन का अध्ययन कर लें. अगर उसमें गड़बड़ी हुई तो ठोस कार्रवाई होगी. अपर सचिव ने कहा कि परीक्षा शुरू होने के बाद व परीक्षा समाप्ति के पहले किसी भी सूरत में कोई विद्यार्थी परीक्षा केंद्र से बाहर नहीं जायेंगे. विशेष परिस्थिति जैसे- परीक्षार्थी के स्वास्थ्य संबंधित कोई गड़बड़ी होने पर ही वह सक्षम पदाधिकारी के आदेश के बाद परीक्षा केंद्र से बाहर जा पायेंगे. उससे पहले उस परीक्षार्थी का प्रश्न पत्र व अन्य कागजात एक लिफाफा में सील कर दिया जायेगा.
चार चरणों में होगी परीक्षा
अपर सचिव ने केंद्राधीक्षकों को कहा कि उक्त परीक्षा चार चरणों में होगी. परीक्षा 29 जनवरी, दो फरवरी, 19 फरवरी व 26 फरवरी को होगी. गया जिले में होनेवाली परीक्षा को लेकर अपर समाहर्ता विजय रंजन को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है. साथ ही सहायक नोडल पदाधिकारियों की सूची में वरीय समाहर्ता शंभुनाथ झा, आइटी मैनेजर अरविंद कुमार व डीइओ ठाकुर मनोरंजन प्रसाद को शामिल किया गया है. गया जिले में उक्त परीक्षा को लेकर 52 परीक्षा केंद्र बनाये गये हैं. उसमें करीब 32 हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे. इस मौके पर कर्मचारी चयन आयोग के सदस्य विश्वा बारिक सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे.
