अनदेखी. लक्ष्य के अनुरूप नहीं हो सका कामकाज, समस्या बरकरार
टिकारी में रुपये का इंतजार, नगर निगम में लाभुक चयन में ही गड़बड़ी
गया/टिकारी /शेरघाटी : जिले के नगर निकायों में वार्डों को खुले में शौचमुक्त बनाने के लिए काम जोर नहीं पकड़ पा रहा है. नगर निगम व नगर पंचायत के हाल एक जैसे हैं. शेरघाटी नगर पंचायत में शौचालय बनाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है. पंचायत कार्यालय के आंकड़े से इसमें सफलता मिलती दिख रही है. नगर निगम में जहां 16 वार्ड को ओडीएफ (खुले में शौचालय मुक्त) करने की कवायद की जा रही है. वहीं, दूसरी ओर यह काम नगर पंचायतों में भी किया जा रहा है. निगम में इसके लिए टीम का गठन किया गया है. सभी जगहों के शौचालय निर्माण की प्रगति को देख कर साफ हो जाता है
कि पिछले वर्ष का लक्ष्य अब तक पूरा नहीं हो पाया है. सबसे बड़ा मामला है कि कई जगहों पर लाभुक से फोटो खींचने के नाम पर 100 रुपये लिये जाने का मामला सामने आया है. फोटो से फाॅर्म भरने तक के लिए नगर विकास विभाग ने नगर निकायों को अलग से पैसा उपलब्ध कराया है. इसमें गया नगर निगम को 133400 रुपये, टिकारी नगर पंचायत को 12100 रुपये व शेरघाटी नगर पंचायत को 23700 रुपये दिये गये हैं. विभाग ने चार मार्च 2016 के पत्र में कहा है कि शौचालय का काम पूरा होने के बाद फोटो वेबसाइट पर लोड किये जाने पर प्रति शौचालय 100 रुपये देना है.
शुरुआती दौर में नगर निगम में शौचालय बनाने के लिए लाभुक चयन की जिम्मेवारी राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अधिकारियों को दी गयी. इस दौरान काफी गड़बड़ी हुई. कई वार्डों में एक खाते में दो से तीन बार प्रथम किस्त के रुपये जारी किये गये हैं. मामला उजागर होने के बाद नोडल पदाधिकारी सह सिटी मैनेजर की देखरेख में जांच की जा रही है. कई लोगों को रुपये लौटाने के लिए नोटिस भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है.
शेरघाटी नगर पंचायत की स्थिति थोड़ी बेहतर
नगर पंचायतों में शौचालय निर्माण की स्थिति
वर्ष लक्ष्य पूर्ण
2015-16 121 65(टिकारी)
2016-17 363 00
(टिकारी में इसके विरोध में 340 का वर्क आर्डर तैयार है व 102 लाभुक को कार्यादेश जारी किया गया है)
2015-16 274 237 (शेरघाटी)
2016-17 434 00
(शेरघाटी नगर पंचायत के सभी लाभुकों को शौचालय बनाने के लिए पहली किस्त दे दी गयी है)
क्या कहते हैं अधिकारी
नगर आयुक्त विजय कुमार ने कहा कि निगम में कई अधिकारियों को इस काम में लगाया गया है. शौचालय बनाने मात्र से लक्ष्य को नहीं पाया जा सकता है. इसके लिए लोगों को अपनी सोच बदलनी होगी. ओडीएफ घोषित करने के लिए वार्डों में तैयारी की जा रही है. इधर टिकारी के कार्यपालक पदाधिकारी कुंदन प्रसाद ने कहा कि शौचालय निर्माण के लिए वर्क आर्डर तैयार कर रखा गया है, विभाग से आवंटन मिलते ही शौचालय निर्माण का काम शुरू किया जायेगा. शेरघाटी नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी अखिलेश चौधरी ने बताया कि सभी जगह शौचालय निर्माण का काम शुरू कर दिया गया है. वित्तीय वर्ष के अंत तक निर्माण काम पूरा कर लिया जायेगा.
नगर निगम के वार्डों में इन क्षेत्रों में नहीं हैं शौचालय
वार्ड नंबर एक, दो, तीन, नौ, 10, 12, 14, 17, 18, 19, 23, 24, 25, 26, 27, 28, 32, 33, 35, 37, 38, 40, 44 व 52 के 25% घरों में शौचालय नहीं है. इन वार्डों में 5,133 घर शौचालय विहीन हैं. वार्ड संख्या चार, छह, सात, आठ, 11, 13, 15, 16,20, 21, 22, 29, 30, 31, 34, 36, 39, 41, 42, 43, 45, 46, 48, 49, 50 व 51 में 25 में 50% घरों के में शौचालय नहीं है. इन वार्डों में 7,634 शौचालय विहीन घरों की संख्या नगर विकास विभाग को बतायी गयी है. शौचालय विहीन सबसे अधिक घरों वाले वार्ड पांच में 861, 47 में 761 व 53 में 1014 हैं.
क्या है विभाग का निर्देश
शौचालय विहीन घरों में निर्माण के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12,000 रुपये लाभुकों को सहयोग के तौर पर दिया जाना है. शौचालय के लिए लाभुक चयन के बाद आमसभा कर सूची को सार्वजनिक करना है. लाभुक द्वारा खोदे गये गड्ढे का नगर निगम के कर्मचारी जांच कर रिपोर्ट व फोटो देंगे.
उसके बाद शौचालय के लिए प्रथम किस्त 7500 रुपये बैंक खाते में लाभुक को देने हैं. शौचालय निर्माण करा लिये जाने के बाद एक बार फिर नगर निगम के कर्मचारी जांच कर फोटो निगम व स्वच्छ भारत मिशन की वेबसाइट पर अपलोड करेंगे, उसके बाद 4500 रुपये लाभुक को दिये जाने हैं. नियम में इतनी पारदर्शिता के बाद भी एक खाते में यहां से दो-दो बार प्रथम किस्त दिये जाने का मामला सामने आया है.
