बोधगया : कालचक्र मैदान के विभिन्न प्रवेश द्वारों पर प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी व पुलिस पदाधिकारियों को अब तिब्बती भाषा में श्रद्धालुओं का स्वागत करना होगा व इसके लिए उन्हें ‘ताशी देलेक’ (तिब्बती में अभिवादन के लिए प्रयुक्त होनेवाला शब्द) कह कर उनका अभिवादन करना होगा.
इसके लिए पदाधिकारियों को पुरस्कृत भी किया जायेगा. गुरुवार को डीएम कुमार रवि ने बीटीएमसी कार्यालय में कालचक्र पूजा के दौरान की गयी व्यवस्थाएं व कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि ‘अतिथि देवो भव’ की परंपरा का निर्वहन करते हुए कालचक्र मैदान में आनेवाले श्रद्धालुओं, विशेषकर वरीय श्रद्धालुओं को तिब्बती भाषा में ‘ताशी देलेक’ कह कर स्वागत करें.
उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान सबसे ज्यादा तिब्बती भाषा सिखने व बोलनेवाले पदाधिकारियों को पुरस्कृत भी किया जायेगा. समीक्षा बैठक में डीएम ने संबंधित पदाधिकारियों को बताया कि अब तक सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा है, पर पटना में आयोजित प्रकाश पर्व के समापन के बाद बोधगया में पर्यटकों व श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होने की संभावना है. इस कारण सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जायें व हर मोरचे पर अलर्ट रहें.
