अच्छी खबर सामान्य मरीजों की तरह ही हुआ इलाज
गया : आम धारणा है कि सरकारी बाबू अपना या अपने परिजनों का इलाज सरकारी अस्पतालों में नहीं कराते हैं. लोगों को कई बार यह भी कहते हुए सुना जाता है कि सरकारी अस्पताल तो सर्वहारा वर्ग के लिए है, बाबू लोग थोड़े यहां आते हैं. उनकी यह धारणा कुछ हद तक सही भी है. लेकिन, मगध प्रमंडल आयुक्त लियान कुंगा ने इस धारणा को तोड़ने की कोशिश की है. उन्होंने अपनी बेटी का ऑपरेशन सरकारी हॉस्पिटल मगध मेडिकल काॅलेज व अस्पताल में करा कर सरकारी व्यवस्था पर भरोसा करने का संदेश दिया.
मंगलवार को मगध मेडिकल में आयुक्त की बेटी दीक्षा (20) के एपेंडिसाइटिस का आॅपरेशन किया गया. अस्पताल अधीक्षक डाॅ सुधीर कुमार सिन्हा ने बताया कि सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डाॅ महेश चौधरी की देखरेख में वरीय सर्जन डाॅ केके सिन्हा ने आॅपरेशन किया. फिलहाल दीक्षा को आइसीयू में स्पेशल वार्ड में रखा गया है. वह बिल्कुल स्वस्थ है. देर शाम आयुक्त भी अपनी बेटी से मिलने पहुंचे. फिलहाल, उसके साथ उसके भाई बहन हैं. खास बात यह रही कि दीक्षा का इलाज भी सामान्य मरीजों की तरह ही किया गया.
जानकारी के मुताबिक, सोमवार की रात को ही आयुक्त ने तय कर लिया था कि वह अपनी बेटी का ऑपरेशन मगध मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में ही करायेंगे. अस्पताल अधिकारियों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा भी था कि सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए हर तरह की व्यवस्था मौजूद है, जरूरत है, तो बस व्यवस्था पर भरोसा करने की. आयुक्त की यह पहल उन ‘वीआइपी’ लोगों के लिए सबक है, जो यह मानते हैं कि सरकारी अस्पतालों में अच्छा इलाज नहीं होता है.
मरीजों ने की आयुक्त की तारीफ
इधर, आयुक्त के इस कदम की खूब चर्चा हो रही है. अस्पताल में मौजूद दूसरे मरीजों के परिजनों ने भी आयुक्त के इस फैसले की तारीफ की. उन्होंने कहा कि आयुक्त जैसे बड़े पदाधिकारी अगर अपने बच्चे का इलाज सरकारी अस्पताल में कराते हैं, तो इससे सामान्य लोगों का भी भरोसा अस्पताल पर बढ़ जाता है.
अस्पताल की स्थिति सुधारने पर जोर दे रहे आयुक्त
अायुक्त लियान कुंगा बीते कई महीने से मगध मेडिकल काॅलेज व अस्पताल की स्थिति सुधारने के लिए काम कर रहे हैं. वहां बेहतर इलाज के लिए वह लगातार निर्देश जारी कर रहे हैं. साथ ही खुद उसकी मॉनीटरिंग भी कर रहे हैं. उनकी बेटी का इस अस्पताल में ऑपरेशन किये जाने को भी इसी प्रयास की एक कड़ी के रूप में देखा जा रहा है.
