समस्या. अव्यवस्थित पार्किंग व अतिक्रमण से बिगड़ा हाल
शेरघाटी : शहर के नयी बाजार इलाके से गोला बाजार तक सड़क पर जाम अब आम समस्या हो गया है. ऐसा कोई दिन नहीं होता है जब यहां जाम नहीं लगता हो.
जाम की मुख्य वजह बेतरतीबी से दोपहिया वाहन, इ- रिक्शा व ठेले की पार्किंग और फुटपाथी दुकानदारों द्वारा सड़क का अतिक्रमण है. इन वजहों से सड़क सिकुड़ कर कुछ फीट में सिमट गयी है. इससे लोगों को परेशानी हो रही है.
ट्रैफिक नियमों को ताक पर रख कर वाहनों की पार्किंग से यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है. सड़क पर वाहनों की कतार लग जाती है, जिससे कई बार तो आपातकालीन स्थिति में भी वाहनों के गुजरने की जगह नहीं मिल पाती है. सबसे बुरा हाल नयी बाजार इलाके से शहर के मुख्य मार्ग की ओर आनेवाली मोड़ (अंडर बाइपास) के समीप होता है. अनुमंडल मुख्यालय होने के कारण यहां अधिकतर लोगों का आना-जाना होता है. ऐसे में उन्हें घंटों जाम से जूझना पड़ता है. लोग एक घंटे के लिए आते हैं, लेकिन जाम के कारण उनके कई घंटे बरबाद हो जाते हैं.
क्या कहते हैं आमलोग : स्थानीय व्यवसायी संजय कुमार, सुरेंद्र राय व दिलीप अग्रवाल का कहना है कि दुकान की परिधि से बाहर और सड़क के दायरे में सामान रखे जाने की वजह से आवाजाही में परेशानी होती है. जाम की समस्या से शहर को निजात दिलाने के लिए सबसे पहले शहर में बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाना होगा. शहर को अतिक्रमणमुक्त बनाने के लिए स्थानीय नगर पंचायत को स्थायी तौर पर फुटपाथी दुकानदारों को शिफ्ट कर देना चाहिए. तभी जाकर समस्या का स्थायी निदान हो सकता है.
नयी बाजार की सड़क की स्थिति सबसे खराब
अतिक्रमण करनेवालों को भेजेंगे नोटिस
सड़क का अतिक्रमण करनेवालों को नोटिस भेज कर खुद ही कब्जा हटाने काे कहा जायेगा. इसके बाद भी वे कब्जा नहीं हटाते हैं, तो प्रशासन के स्तर से कब्जा हटाने की कार्रवाई जल्द शुरू की जायेगी. ऑटो स्टैंड व वाहनाें के लिए पार्किंग की व्यवस्था पर भी प्रशासन विचार कर रहा है.
अखिलेश चौधरी, कार्यपालक अधिकारी सह अंचलाधिकारी
शेरघाटी में मंगलवार को सड़क जाम की स्थिति.
आबादी 50 हजार की सुविधाएं नदारद
स्थानीय लोगों को शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने व नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की हसरत आज भी अधूरी है. 50 हजार की आबादीवाले शहर को जिस व्यवस्था व सुविधाओं की दरकार थी, वह जमीन पर दिखाई नहीं देती है. शहर का मुख्य व्यवसायिक इलाका होने के बावजूद गोला बाजार में पेयजल, शौचालय व पार्किंग के न होने से स्थानीय लोगों के अलावा सुदूर ग्रामीण अंचलों से यहां आनेवाले लोगों को परेशानी होती है. बुनियादी ढांचे में कोई खास बदलाव नहीं हो पाया है. नगर पंचायत द्वारा नागरिक सुविधाएं मुहैया करवाने को जितने भी दावे किये गये थे, वे पानी का बुलबुला साबित हो रहे हैं. शहर को बेहतर सुविधाओं का अब भी इंतजार है.
