साथ ही, इंटर का रिजल्ट भी काफी पहले प्रकाशित हो चुका है और छात्र-छात्राएं कॉलेजों में नामांकन के लिए दौड़ लगाने लगे हैं. ऐसे में वोकेशनल कोर्सों में दाखिला लेने के इच्छुक स्टूडेंट्स के लिए फिलहाल कोई रास्ता नहीं दिख रहा है. व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में दाखिला लेनेवाले स्टूडेंट्स अब दूसरे प्रदेशों में स्थित संस्थानों की ओर भी रूख करने लगे हैं. अपने गृह क्षेत्र में कम खर्च कर व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में नामांकन कराने को लालायित स्टूडेंट्स भी अब तक नामांकन को लेकर कोई प्रक्रिया शुरू नहीं होने से निराश हैं.
वोकेशनल कोर्सों में नामांकन पर संशय
गया: मगध विश्वविद्यालय परिसर स्थित विभिन्न वोकेशनल कोर्सों में नामांकन पर इस साल फिर से तलवार लटकी है. पिछले वर्ष भी वोकेशनल कोर्सों में देर से नामांकन शुरू हुआ था, जिसके कारण नामांकन करानेवाले छात्र-छात्राओं की संख्या भी अपेक्षाकृत कम रही थी. जून का महीना आधा गुजर चुका है और अब तक वोकेशनल कोर्सों में […]

गया: मगध विश्वविद्यालय परिसर स्थित विभिन्न वोकेशनल कोर्सों में नामांकन पर इस साल फिर से तलवार लटकी है. पिछले वर्ष भी वोकेशनल कोर्सों में देर से नामांकन शुरू हुआ था, जिसके कारण नामांकन करानेवाले छात्र-छात्राओं की संख्या भी अपेक्षाकृत कम रही थी. जून का महीना आधा गुजर चुका है और अब तक वोकेशनल कोर्सों में नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो पायी है.
एमयू ने उपलब्ध करा दी है जानकारी
एमयू परिसर में चल रहे विभिन्न वोकेशनल कोर्सों के बारे में शिक्षा विभाग द्वारा मांगी गयी जानकारी एमयू प्रशासन द्वारा विगत 12 जून को ही उपलब्ध करा दी गयी है. एमयू के पीआरओ डॉ शैलेंद्र कुमार ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा फिर से कुछ और जानकारियां मांगी गयी हैं, जिन्हें एक-दो दिनों में उपलब्ध करा दिया जायेगा. डॉ कुमार ने बताया कि उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही शिक्षा विभाग से सीटों का निर्धारण कर नामांकन प्रक्रिया शुरू कराने की इजाजत मिल जायेगी. हालांकि, इस प्रत्याशा में अब किसी भी संस्थान द्वारा प्रॉस्पेक्टस आदि की छपाई तक नहीं करायी गयी है.