मंगलमूर्ति हनुमान श्रीराम के अनन्य रसिया हैं : डॉ सिंह

फोटो-श्री मारुति सत्संग समिति के तत्वावधान में मनायी गयी हनुमत जयंतीमुख्य संवाददाता, गयाश्री मारुति सत्संग समिति के तत्वावधान में बुधवार को डॉ गिरिजा शंकर प्रसाद की अध्यक्षता में श्री हनुमत जयंती का आयोजन किया गया. श्रद्धालुओं ने पहले हनुमान चालीसा, संकटमोचन हनुमाष्टक व श्रीराम स्तुति का पाठ किया व आरती उतारी. इस मौके पर वरीय […]

फोटो-श्री मारुति सत्संग समिति के तत्वावधान में मनायी गयी हनुमत जयंतीमुख्य संवाददाता, गयाश्री मारुति सत्संग समिति के तत्वावधान में बुधवार को डॉ गिरिजा शंकर प्रसाद की अध्यक्षता में श्री हनुमत जयंती का आयोजन किया गया. श्रद्धालुओं ने पहले हनुमान चालीसा, संकटमोचन हनुमाष्टक व श्रीराम स्तुति का पाठ किया व आरती उतारी. इस मौके पर वरीय साहित्यकार गोवर्द्धन प्रसाद सदय, डॉ रामकृष्ण मिश्र, ज्योतिषाचार्य डॉ गोपाल कृष्ण झा का समिति के सदस्यों ने माल्यार्पण किया. प्रवचन प्रभारी सह कार्यक्रम के संचालक डॉ राधानंद सिंह ने कहा कि भगवान शंकर के अवतार श्री हनुमानजी मंगलमूर्ति व श्रीराम के अनन्य रसिया हैं. उनकी धीरता-वीरता, बल-पौरुष, साहस व सदाचार जगत ख्यात है. वे विवेक-विज्ञान व विद्वता के पर्याय थे. इसीलिए उनकी उपासना संपूर्ण भारत में प्रचलित व व्यापक है. इस मौके पर वक्ताओं ने श्रीहनुमत तत्व पर विचार करते हुए कहा कि हनुमान जी मंगल विधान अनुपम है. उनका संपूर्ण जीवन जगत मंगल के लिए है. वे मानस के विज्ञानी हैं, जिन्होंने सीता शक्ति की खोज की ओर जग-जीवन को आनंद प्रदान किया. प्रवचन के पहले डॉ गोपाल कृष्ण झा ने वैदिक स्वस्ति वाचन किया. इस मौके पर सुमंत, डॉ मुनि किशोर सिंह, संस्था के सचिव बालेश्वर शर्मा, संयोजक मिंटू प्रसाद, रामावतार प्रसाद, संत प्रसाद, श्याम मोहन प्रसाद, सरयू प्रसाद, रण विजय सिंह, बृजनंदन प्रसाद, सीताराम प्रसाद व बबन प्रसाद आदि उपस्थित थे.

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