गया : चिरैयाटांड मुहल्ले के गया कॉलेज मोड़ के पास नवयुवक संघ दुर्गापूजा समिति के पंडाल में मूर्तियां इलेक्ट्रॉनिक मशीनों से संचालित होती नजर आ रही हैं. बुधवार को झांकी में दिखाया गया कि भगवान शंकर के पुत्र कार्तिक व गणोश के बीच पहले किसकी पूजा होनी चाहिए. इसको लेकर दोनों भाइयों में बहस चल रही थी. इस दौरान मुनि नारद का आगमन होता है. नादर ने दोनों भाइयों को कहते हैं कि किसकी पूजा पहले होनी चाहिए, इसके लिए एक परीक्षा आयोजित की जाये.
इस पर दोनों भाइयों ने कहा कि हमलोग तैयार है. नारद ने कहा कि जो सृष्टि का तीन चक्कर काट कर भगवान शिव व मां पार्वती का आशीर्वाद लेगा, सबसे पहले उसी की पूजा की जायेगी. इतना सुनते ही कार्तिक अपने मोर पर सवार होकर सृष्टि के चक्कर लगाने निकल पड़े. गणोश भगवान ने बुद्धिमत्ता का परिचय देते हुए अपने मूषक पर बैठ कर भगवान शंकर व माता पार्वती के तीन चक्कर लगा कर रुक गये. इसके बाद भगवान शिव ने श्री गणोश को श्रेष्ठ कह कर उनकी पूजा सभी भगवानों से पहले करने का वरदान दिया. कहा कि-ऐसा नहीं करनेवाले भक्त की पूजा को अधूरा माना गया है. दूसरी ओर, जय प्रकाश नारायण रोड स्थित श्री रौनियार वैश्य दुर्गापूजा समिति के पंडाल में भी इलेक्ट्रॉनिक मशीन से चलती मूर्तियां नजर आयेंगी.
