महंगा पड़ा नगर निगम से उलझना

गया: होल्डिंग टैक्स की चोरी व निगम के कर्मचारियों से उलझना एक व्यावसायिक इमारत के मालिक को काफी महंगा पड़ गया है. अब उन्हें पहले से चार गुना अधिक टैक्स निगम में बतौर होल्डिंग जमा करना होगा. अब तक वह सालाना महज 27 हजार रुपये दे रहे थे, लेकिन अब उन्हें एक लाख से अधिक […]

गया: होल्डिंग टैक्स की चोरी व निगम के कर्मचारियों से उलझना एक व्यावसायिक इमारत के मालिक को काफी महंगा पड़ गया है. अब उन्हें पहले से चार गुना अधिक टैक्स निगम में बतौर होल्डिंग जमा करना होगा.

अब तक वह सालाना महज 27 हजार रुपये दे रहे थे, लेकिन अब उन्हें एक लाख से अधिक रुपये सालाना जमा करने होंगे. निगम ने उक्त बिल्डिंग का व्यावसायिक स्तर पर टैक्स असेसमेंट कर दिया है. बिल्डिंग में दो-तीन व्यावसायिक प्रतिष्ठान चल रहे हैं. स्वराजपुरी रोड में दो इमारतों का टैक्स असेसमेंट कर दिया गया है. दूसरे मकान का असेसमेंट कर उस पर 45 हजार रुपये का सालाना टैक्स तय किया गया है. पहले वह मकान मालिक सालाना 10 हजार रुपये ही टैक्स जमा कर रहा था.

बैनर हटाने के दौरान उलझा था मकान मालिक : 31 अगस्त को निगम की ओर से शहर में अवैध बैनरों को हटाने का काम चल रहा था. इस दौरान स्वराजपुरी रोड में वह मकान मालिक कर्मचारियों के साथ उलझ गया था. कर्मचारियों की शिकायत को नगर आयुक्त डॉ निलेश देवरे ने गंभीरता से लिया और मकान का पूरा नक्शा व होल्डिंग की जानकारी निकालने और गलती पाये जाने पर कार्रवाई का आदेश दे दिया था.

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