बोधगया : मगध विश्वविद्यालय (एमयू) के विभिन्न कॉलेजों में पदस्थापित 21 प्राचार्यो की नियुक्ति को अवैध करार दिये जाने के हाइकोर्ट के फैसले की मूल प्रति का एमयू प्रशासन को इंतजार है. हाइकोर्ट के फैसले के बारे में फिलहाल एमयू के पदाधिकारी अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कुछ भी कहने से परहेज कर रहे हैं. एमयू के लीगल पदाधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि हाइकोर्ट के फैसले की प्रति (कॉपी) अब तक उपलब्ध नहीं हो सकी है. इस कारण फिलहाल इस बारे में कि एमयू प्रशासन का अगला कदम क्या होगा बताना संभव नहीं है.
कुलसचिव डॉ डीके यादव ने भी कहा कि हाइकोर्ट के फैसले की प्रति अब तक एमयू मुख्यालय को उपलब्ध नहीं हो सकी है. उन्होंने बताया कि फिलहाल कॉलेजों में पदस्थापित प्राचार्य यथावत कार्य करते रहेंगे. कोर्ट के फैसले की कॉपी आने के बाद आगे की कार्रवाई पर वह कुछ बोल सकेंगे. इस मामले में गया कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ एमएस इसलाम ने कहा कि उन्हें एमयू प्रशासन द्वारा अब तक किसी तरह का निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है. इस कारण वह अपनी ड्यूटी पर तैनात हैं.
