गया : नक्सली संगठन भाकपा माओवादी ने मंगलवार को गांधी मैदान में आयोजित पीएम की सभा को लेकर दो अप्रैल को मगध बंद का आह्वान किया था. लेकिन, पीएम नरेंद्र मोदी का जलवा नक्सली फरमान पर भारी पड़ता दिखा. ऐसे नक्सली बंदी को लेकर जिला पुलिस काफी सतर्क दिखी. नक्सल प्रभावित इलाके में भी गाड़ियों को आने-जाने को लेकर प्रशासन हर तरह का एहतियात बरतते दिखा.
गाड़ियों की चेकिंग, सबसे अधिक बाइक आदि की डिक्की चेक करना जगह-जगह जारी रखा. पीएम की सभा में बाराचट्टी के देहाती इलाके, डुमरिया, इमामगंज, बांकेबाजार, औरंगाबाद, गोह, हसपुरा आदि से भी लोग बस भर कर पहुंचे थे. अक्सर नक्सली बंदी के दौरान देखा जाता था कि बसें आदि पूरी तौर पर बंद हो जाती थीं.
इसके साथ ही प्रधानमंत्री आगमन से पहले गांधी मैदान व आसपास के इलाके में मेटल डिटेक्टर से चेक किया गया. किसी तरह का व्यवधान पैदा किसी तरफ से नहीं हो, इसके लिए कुछ कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले रखा था. इन पर आरोप था कि काला झंडा पीएम के कार्यक्रम के दौरान दिखाने का प्रयास करेंगे.
