नीरज कुमार, गया
राज्य सरकार द्वारा गया जिले में जनहित में चलायी जा रही सात निश्चय योजना के तहत हर घर नल का जल योजना का काम लक्ष्य से कोसों दूर है. इस योजना के लिए जिले के कुल पांच लाख 94 हजार 238 घरों को चयनित किया गया है. चयनित घरों में ग्रामीण क्षेत्रों के पांच लाख 66 हजार 779 व शहरी क्षेत्र के 17 हजार 459 घर शामिल हैं.
इस लक्ष्य की तुलना में 31 दिसंबर 2019 तक केवल एक लाख दो हजार 475 घरों में ही हर घर नल का जल योजना को पहुंचाया जा सका है. जिन घरों में इस योजना का लाभ दिया गया है, उसमें कई ऐसे घरों के पाइप कनेक्शन उखड़ गये हैं. इस पर संबंधित विभाग के अधिकारियों की नजर अब तक नहीं पहुंच सकी है. हर घर नल का जल योजना के लिए शहरी क्षेत्र सभी 105 वार्डों ( दोनों वित्तीय वर्षों में मिलाकर) में वित्तीय वर्ष 2017-18 में छह हजार 733 व वित्तीय वर्ष 2018-19 में 10 हजार 726 घरों में इस योजना को पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय वर्ष 2017-18 में एक हजार 933 वार्डों के दो लाख 82 हजार 218 व वित्तीय वर्ष 2018-19 में तीन हजार 915 वार्डों के दो लाख 84 हजार 561 घरों में इस योजना के तहत नल का जल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है.
इन दोनों वित्तीय वर्षों में अब तक मात्र 606 वार्डों के घरों में इस योजना को पूरा किया जा सका है, जबकि एक हजार 970 वार्डों में इस योजना का काम कराया जा रहा है. सूत्रों की माने तो 31 मार्च 2020 तक गया जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के सभी लक्षित वार्डों के सभी चयनित घरों में इस योजना के तहत नल का जल पहुंचाने का काम पूरा कर लेना है.
क्या कहते हैं अधिकारी
गया जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के चयनित सभी वार्डों के सभी घरों में हर घर नल का जल पहुंचाने का काम निर्धारित समय सीमा के भीतर यानी 31 मार्च 2020 तक पूरा करा लिया जायेगा. इसके लिए हर संभव कदम उठाये जा रहे हैं.
किशोरी चौधरी, उप विकास आयुक्त, गया
