गया : बगैर वर्किंग टाइम टेबल दौड़ायी जा रहीं ट्रेनें, वर्किंग टाइम टेबल नहीं देने का लगाया आरोप

गया : गोमो व धनबाद से पटना जानेवाली एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन गया–पटना रेलखंड पर भगवान भरोसे हो रहा है. इसकी मुख्य वजह रनिंग कर्मचारियों को दानापुर रेलमंडल का वर्किंग टाइम टेबुल नहीं मिलना है. रेलवे की इस लचर व्यवस्था से संरक्षा की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं. जानकारी के अनुसार, गोमो व धनबाद के […]

गया : गोमो व धनबाद से पटना जानेवाली एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन गया–पटना रेलखंड पर भगवान भरोसे हो रहा है. इसकी मुख्य वजह रनिंग कर्मचारियों को दानापुर रेलमंडल का वर्किंग टाइम टेबुल नहीं मिलना है. रेलवे की इस लचर व्यवस्था से संरक्षा की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं.
जानकारी के अनुसार, गोमो व धनबाद के रेल चालक गोमो व धनबाद से पटना तक कई एक्सप्रेस ट्रेनों में वाया गया ड्यूटी करते हैं. विभाग की ओर से रनिंग कर्मचारियों को प्रति वर्ष जुलाई में वर्किंग टाइम टेबल दिये जाने का प्रावधान है.
सूत्रों की माने तो धनबाद रेल मंडल के रेल चालकों को इस वर्ष दानापुर रेल मंडल का वर्किंग टाइम टेबल नहीं मिला है. वर्किंग टाइम टेबल के बिना ट्रेनों का परिचालन कराने पर हमेशा अनहोनी की आशंका बनी रहती है. कुछ रेल चालकों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि वर्किंग टाइम टेबल के बगैर ड्यूटी करने से हमेशा नियमों की अनदेखी होने का भय बना रहता है जो पूरी तरह संरक्षा से खिलवाड़ है.
संरक्षा संगोष्ठी से नहीं होगा फायदा :संरक्षा विभाग के अधिकारी व सभी डिपो के अधिकारी समय-समय पर संरक्षा संगोष्ठी का आयोजन करते हैं.
इसमें कर्मचारियों को खूब संरक्षा का पाठ भी पढ़ाया जाता है. शॉर्टकट तरीका नहीं अपनाने व नियमों का पालन करने पर विशेष बल दिया जाता है. ताकि रेलवे में दुर्घटना को शून्य किया जा सके. इसके ठीक विपरीत रनिंग कर्मचारियों को वर्किंग टाइम टेबल उपलब्ध नहीं करा कर के ट्रेनों के परिचालन की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है.

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