गया: पिछले वित्तीय वर्ष में पारित नगर प्रखंड क्षेत्र की कई विकास योजनाएं बजट के अनुसार पैसे नहीं मिलने के कारण अधूरी पड़ी हैं. अब इन अधूरी योजनाओं की सूची बनायी जायेगी. फिलहाल, चालू वित्त वर्ष में नये योजनाओं को छोड़ नगर प्रखंड प्रशासन पुरानी योजनाओं को ही पूरा करने में लगा हुआ है.
ये योजनाएं रह गयी हैं अधूरी : जानकारी के अनुसार, वर्ष 2013-14 में बीआरजीएफ से नगर प्रखंड के सभी पंचायतों में नाली व पीपीसी पथों का निर्माण होना था, जो अब तक अधूरे पड़े हैं.
वहीं, एक करोड़ 60 लाख की लागत से सभी पंचायतों में मनरेगा भवन बनाया जाना था. पैसे के अभाव में भवनों का निर्माण अधूरा है. मनेरगा के ओर से 10 लाख की लागत तालाब की खुदाई कई पंचायतों में शुरू हुई. यह योजना भी राशि के अभाव में अधूरी है. साथ ही, पैसे के अभाव नगर प्रखंड क्षेत्र के लाभार्थियों में विधवा, वृद्धा व अन्य पेंशन का वितरण कई महीनों से नहीं किया गया है. 16 पंचायतों के लाभुकों को इंदिरा आवास की दूसरी किस्त लाभुकों के बीच नहीं बांटी गयी है.
पैसों की कमी बनी बाधक : एक साल के अंदर हर हाल में इन योजनाओं पर काम पूरा कर देना था. लेकिन, पैसा की कमी के कारण ऐसा नहीं हो सका. वहीं, कई योजनाओं में पैसा तो आया, लेकिन समय के अभाव में उसे सही तरीके से पूरा नहीं किया जा सका.
आते रहे आवेदन, पर नहीं हुआ काम : हर सप्ताह लगाये जानेवाले ग्राम विकास शिविर में समस्याओं से संबंधित आवेदन आते रहे, लेकिन प्रखंड के अधिकारियों ने इन पर ध्यान नहीं दिया. इस कारण भी कई योजनाएं अधूरी रह गयी. अगर समय पर आवेदनों का निबटारा कर काम शुरू किया गया होता, तो अब तक कई योजनाएं पूरी हो गयी होतीं.
क्या कहते हैं नगर प्रखंड के अधिकारी
इस संबंध में नगर प्रखंड के अधिकारियों ने बताया कि जिले से समय पर पैसा नहीं मिलने के कारण कुछ योजनाएं अधूरी रह गयी हैं. लेकिन, अब इन योजनाओं को एक-एक कर पूरा किया जायेगा.
